मगरमच्छ के मुंह से पिता को खींच लाया बेटा, दिल्ली बुलाकर राष्ट्रपति मुर्मू ने किया सम्मानित


यूपी: यूपी में पिता को मगरमच्छ के मुंह से खींचकर लाने वाले बेटे के साहस की हर जगह चर्चा हो रही है। उसकी बहादुरी के किस्से प्रदेश ही नहीं देशभर में फैले तो उसे सम्मानित करने का फैसला किया गया। खुद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उसे सम्मानित किया। बेटे को राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिलने से पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। हम बात कर रहे हैं आगरा जिले के झरनापुरा हरलालपुर गांव निवासी किसान वीरभान चाहर के बेटे अजयराय की। बात जुलाई 2025 की है। अजयराज के पिता वीरभान आगरा-धौलपुर सीमा क्षेत्र के चंबल नदी के किनारे पानी लेने गए थे। उनके साथ उनका बेटा अजयराज भी था। इसी दौरान नदी में छिपे मगरमच्छ ने अचानक वीरभान के पैर को जबड़े में दबोच लिया और उन्हें गहरे पानी की ओर खींचने लगा। कुछ पल के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 5 से 18 साल के बच्चों को खेल, बहादुरी, नवाचार, विज्ञान, समाज सेवा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों के लिए दिया जाता है। इस साल कुल 20 बच्चों को इस सम्मान के लिए चुना गया था, जिनमें वैभव भी शामिल थे।सम्मान समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा-समय की कमी के कारण भले ही सभी के नाम ना लिए जा सकें, लेकिन हर बच्चे ने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया है। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों की सफलता का श्रेय उनके माता-पिता और परिवारों को भी दिया। महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और उनकी पूरी टीम की भी तारीफ करती हूं कि उन्होंने इतने प्रतिभाशाली और होनहार बच्चों के लिए पुरस्कार समारोह आयोजित किया।दिल्ली के भारत मंडपम में पीएम नरेंद्र मोदी भी सभी बच्चों से मिले। पीएम ने संबोधित करते कहा- आज देश वीर बाल दिवस मना रहा है। आज हम उन वीर साहबजादों को याद कर रहे हैं, जो हमारे भारत का गौरव हैं। जो अदम्य साहस, शौर्य और वीरता की पराकाष्ठा हैं। वे वीर साहबजादे, जिन्होंने उम्र और अवस्था की सारी सीमाओं को तोड़ दिया। जो क्रूर मुगल सल्तनत के सामने ऐसे चट्टान की तरह खड़े हुए कि मजहबी कट्टरता और आतंक का वजूद ही हिला दिया।




