“श्रीनाथ विश्वविद्यालय का ‘शंखनाद’: शिक्षा, उद्योग और संस्कृति के संगम से नए सत्र की भव्य शुरुआत


जमशेदपुर :- श्रीनाथ विश्वविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित वार्षिक ओरिएंटेशन कार्यक्रम ‘श्रीनाथ शंखनाद 2025’ ने नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 की शुरुआत को भव्य और ऐतिहासिक बना दिया। इस अवसर पर शिक्षा, उद्योग और प्रशासन के दिग्गज एक ही मंच पर एकत्रित हुए, जिसने कार्यक्रम को विशेष और यादगार बना दिया।

पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री पियूष पांडे (आई.पी.एस.), उप क्षेत्रीय निदेशक, झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण श्री दिनेश कुमार रंजन (जे.ए.एस.), प्रबंध निदेशक, जेसीएपीसीपीएल श्री अभिजीत अविनाश ननोटी, मुख्य परिचालन अधिकारी, रामकृष्ण फोर्जिंग्स लिमिटेड श्री शक्ति प्रसाद सेनापति, मानव संसाधन प्रमुख, क्रॉस लिमिटेड श्री रमाकांत गिरि, महाप्रबंधक (सप्लाई चेन), टाटा कमिंस श्री फणिंद्र भूषण मिश्र, प्रोफेसर डॉ. त्रिलोचन त्रिपाठी (एक्सएलआरआई) और सदस्य, झारखंड राज्य फार्मेसी परिषद श्री धर्मेंद्र सिंह सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सुखदेव महतो, कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. एन. सिंह, और संध्या शंभू ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री शंभू महतो एवं श्रीमती संध्या महतो ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि आईपीएस श्री पियूष पांडे ने विद्यार्थियों को इंटरनेट युग में आधुनिक शिक्षा पद्धतियों को अपनाने, रैगिंग और नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा सोशल मीडिया के जिम्मेदाराना उपयोग की सलाह दी। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
श्री अभिजीत अविनाश ननोटी ने कहा कि जिज्ञासा और परिश्रम ही सफलता की असली कुंजी है। श्री रमाकांत गिरि ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और निखारने की प्रेरणा दी। अन्य अतिथियों ने भी अपने अनुभवों और विचारों से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। कुलाधिपति श्री सुखदेव महतो ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास का वादा किया।
विश्वविद्यालय के डीन (अकादमिक) डॉ. दीपक शुक्ला और लर्निंग एंड डेवलपमेंट की प्रमुख श्रीमती मोनिका क्षिंगन ने संयुक्त रूप से विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति दी। डॉ. शुक्ला ने स्पष्ट किया कि संस्थान का लक्ष्य केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि छात्रों को उद्योग और समाज के लिए सक्षम बनाना है।
कार्यक्रम के विशेष क्षण में डीन (प्रशासन) श्री जे. राजेश ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण और अनुशासन की शपथ दिलाई। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों—पारंपरिक नृत्य, गीत, नाटक और वाद्य वादन—ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और झारखंड की सांस्कृतिक विविधता का शानदार प्रदर्शन किया। संचालन सहायक डीन (अकादमिक) डॉ. भाव्या भूषण ने किया और धन्यवाद ज्ञापन बी.एड. शिक्षिका रचना रश्मि ने दिया।
‘श्रीनाथ शंखनाद 2025’ ने यह संदेश दिया कि शिक्षा, अनुशासन और संस्कृति के समन्वय से विद्यार्थी न केवल अपने करियर को मजबूत करेंगे, बल्कि समाज और राष्ट्र में सकारात्मक बदलाव के वाहक भी बनेंगे।



