भारत-मलयेशिया के बीच कई अहम समझौते

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Delhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रविवार को मलयेशिया की प्रशासनिक राजधानी पुत्रजाया के पर्दाना पुत्र भवन में औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने उनका स्वागत किया।इसके बाद पीएम मोदी और मलयेशियाई पीएम ने द्विपक्षीय वार्ता की। इस वार्ता को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा- भारत-मलयेशिया की साझेदारी ऐतिहासिक है और दोनों देशों में सहयोग लगातार बढ़ा है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मलयेशियाई प्रधानमंत्री और वहां की सरकार का दिल से धन्यवाद करते हुए कहा कि जिस तरह उनका और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया, वह हमेशा यादगार रहेगा। उन्होंने कहा कि पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर मलयेशियाई जीवन और संस्कृति को जिस खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया, उसने इस यात्रा को खास बना दिया।मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और मलयेशिया के बीच रिश्ते बेहद अच्छे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच कुछ ऐसे मुद्दे भी हैं, जिन पर दोनों पक्षों की टीमें मिलकर काम करेंगी। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में हर क्षेत्र में सहयोग और बढ़ेगा। अनवर इब्राहिम ने यह भी कहा कि यह यात्रा उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है।इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह भारत-मलयेशिया दोस्ती की ऊंचाई और गहराई दोनों को महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के रूप में यह उनका मलयेशिया का तीसरा दौरा है और अनवर इब्राहिम के कार्यकाल में उनसे यह चौथी मुलाकात है। उन्होंने कहा कि यही बात दोनों देशों के रिश्तों की गति और मजबूती को दिखाती है। हाल के वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों ने जिस रफ्तार और गहराई को छुआ है, वह वाकई प्रेरणादायक है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि आज भारत और मलयेशिया के बीच सहयोग हर क्षेत्र में बढ़ रहा है- चाहे वह कृषि हो, विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा या सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्र हों। दोनों देश कौशल विकास और क्षमता निर्माण में भी अहम साझेदार हैं। इसके अलावा रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने मलयेशिया को आसियान की सफल अध्यक्षता के लिए बधाई दी और कहा कि मलयेशिया के सहयोग से भारत-आसियान रिश्ते और गहरे होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत-मलयेशिया संबंधों की असली ताकत लोगों के बीच के रिश्तों में है। मलयेशिया में रहने वाले लगभग 30 लाख भारतीय मूल के नागरिक दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु की तरह हैं।

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