विहंगम योग विश्वशांति वैदिक महायज्ञ में वरिष्ठ संतों को सम्मानित किया गया


जमशेदपुर : विहंगम योग द्वारा आयोजित कुण्डीय विश्वशांति वैदिक महायज्ञ का आयोजन रविवार को विहंगम योग आश्रम, 8 जुबली रोड, बिस्टुपुर में किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य योग, ध्यान और वैदिक संस्कृति के माध्यम से विश्व शांति और आध्यात्मिक समरसता को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम में विहंगम योग संत समाज के परम आदरणीय वरिष्ठ संतों को विशेष सम्मान से नवाज़ा गया। उन्हें अंगवस्त्र पहनाकर और सम्मानित करके उनके योगदान का सम्मान किया गया। इसमें लगभग 70 से अधिक वरिष्ठ संतों को शामिल किया गया, जिन्होंने पूरे जीवन विहंगम योग के प्रचार-प्रसार और आध्यात्मिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक तथा साधक मौजूद रहे। लगभग 250 से अधिक लोगों ने महायज्ञ में यज्ञ आहुतियां प्रदान कीं और महाप्रसाद के जरिए इस आयोजन का हिस्सा बने। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से मानसिक शांति, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक उन्नति को बल मिलता है।
विहंगम योग एक ऐसा संगठन है, जिसकी स्थापना 1924 में सदगुरु सदाफलदेव जी महाराज ने की थी। यह ध्यान और योग की प्राचीन विधाओं पर आधारित है और मानव जीवन के समग्र विकास को लक्ष्य बनाता है। आज यह संगठन अनेक देशों में फैल चुका है और लाखों अनुयायियों को जोड़े हुए है।
इस महायज्ञ कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ संतों का सम्मान और उनके योगदान को याद करना उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए एक प्रेरणादायक क्षण रहा। उन्हें अंगवस्त्र पहनाकर अभिनंदन किया गया और उनके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना की गयी।



