Advertisements
Advertisements

बिक्रमगंज/रोहतास (संवाददाता ):- रविवार को शहर के आनंद नगर स्थित मेथोडिस्ट चर्च में प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान (रेजोरेक्शन) के पावन पर्व को बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया । इस अवसर पर स्तुति धन्यवाद के आलावे मसीही गीत, भजन, उपदेश आदि कई कार्यक्रम मसीहियों द्वारा सम्पादित किया गया । चर्च के पादरी रेव्ह.अनिल राव ने कहा कि यह ईस्टर नहीं बल्कि पुनरुत्थान पर्व कहलाता है । क्योंकि ईस्टर तो मौसम व फलवन्त देवी का नाम है, ईस्टर ओयेस्तार देवी को कहा जाता है । जिसकी पूजा 1200 ईशा पूर्व में किया जाता था । इसके पूजने से जीवन फलवन्त अच्छा होता है ऐसी मान्यता थी । नोहा के पोते निमरोद को भी ईस्टर कहा जाता था जो कि बेबिलोन की सभ्यता से सम्बंधित है । बाइबिल में सिर्फ पुनरुत्थान का जिक्र किया हुआ है ।पादरी राव ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह के जी उठने का पुख्ता सबूत बाइबिल में है, प्रभु ने कहा डरो मत, रोओ नहीं तुम्हे शांति मिलती रहे । मत्ती 5 व 10 पद अध्याय 28, यूहन्ना 20:19 8 दिन के बाद बंद कमरे में उपस्थित हो कर शिष्यों के विश्वास को मजबूत किया ।प्रार्थना सभा में हंसराज चौधरी, उमेश राम, सन्तोष मसीह, वीरेन्द्र प्रसाद, प्रशान्त राज, अंजू कुमारी, नेहा, अभय लाल, मिथिलेश, अम्रीत प्रसाद , उपेन्द्र कुमार व अन्य मसीही आराधक उपस्थित थे ।

Advertisements
See also  बिहार: दरभंगा में दो समुदायों के बीच विवाद, पथराव में छह गिरफ्तार...

You may have missed