रीना सिन्हा सलोनी को ‘स्पेनिन साहित्य गौरव सम्मान 2024-25’, हिंदी-भोजपुरी सृजन को मिला राष्ट्रीय सम्मान


जमशेदपुर : साहित्य जगत के लिए गर्व की खबर है। रीना सिन्हा सलोनी को ‘स्पेनिन साहित्य गौरव सम्मान (2024-25)’ प्रदान किए जाने की आधिकारिक घोषणा की गई है। यह सम्मान साहित्य क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक, गुणवत्तापूर्ण और मूल्यपरक योगदान के लिए दिया जा रहा है।

इस सम्मान के लिए गठित जूरी समिति में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अशोक प्रियदर्शी, डॉ. माया प्रसाद और सिस्टर डॉ. मेरी ग्रेस शामिल थीं। समिति ने सर्वसम्मति से उनके नाम की घोषणा की।
रीना सिन्हा सलोनी हिंदी और भोजपुरी दोनों भाषाओं में सक्रिय लेखन करती हैं। उनका काव्य संग्रह “एक दिन अचानक” विशेष रूप से चर्चित रहा है और पाठकों के बीच सराहा गया है।
वे संवेदनशील कवयित्री के रूप में जानी जाती हैं। उनकी लेखनी स्त्री-विमर्श और सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित रहती है। उनकी रचनाएं देशभर की पत्र-पत्रिकाओं और समाचार पत्रों में प्रकाशित होती रही हैं।
कविता के अलावा वे आलेख, संस्मरण और कहानियां भी लिखती हैं। मुक्त छंद और छंदबद्ध दोनों शैलियों में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है।
रीना सिन्हा सलोनी तुलसी भवन साहित्य समिति और अखिल भारतीय साहित्य परिषद, जमशेदपुर की सक्रिय सदस्य भी हैं। साहित्यिक क्षेत्र में उनकी निरंतर सक्रियता और योगदान को यह सम्मान एक नई पहचान देगा।



