नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर सवाल, निरीक्षण में सामने आई कई कमियां


आदित्यपुर : झारखंड वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ के पदाधिकारियों की एक टीम ने सीतारामपुर जलाशय के पास बन रहे 60 एमएलडी क्षमता वाले दूसरे और नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया. बताया गया कि करीब बीस दिन पहले नगर निगम प्रशासन ने कहा था कि जलाशय से नए प्लांट तक पानी की लिफ्टिंग और ट्रीटमेंट की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही आदित्यपुर नगर को पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी. हालांकि निरीक्षण के दौरान टीम को पता चला कि प्लांट का निर्माण अभी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है और इसे पूरी तरह बनने में करीब सात से आठ महीने का समय और लग सकता है.

निरीक्षण के दौरान प्लांट की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए. बताया गया कि डैम से आने वाला पानी पहले बड़े टैंक चैम्बर में जमा होगा, फिर रैपिड फिल्टर प्लांट और पम्प हाउस होते हुए अंतिम फिल्टर प्लांट में पहुंचेगा, जहां से जलापूर्ति की जाएगी. लेकिन टैंक चैम्बर की बाहरी दीवार से पानी का रिसाव भी देखा गया. संघ के पदाधिकारियों ने उपाध्यक्ष और नगर निगम प्रशासन से मिलकर प्लांट की गुणवत्ता सुधारते हुए चार महीने के भीतर निर्माण पूरा करने का आग्रह किया. साथ ही पुराने प्लांट के रखरखाव को भी असंतोषजनक बताया गया. संघ ने कहा कि जल्द ही अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा और नागरिकों से भी अपील की गई कि वे प्लांट का निरीक्षण कर जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रचनात्मक दबाव बनाएं. निरीक्षण टीम में संघ के अध्यक्ष रविंद्र नाथ चौबे, रणवीर कुमार सिंह, केके झा, एडी प्रसाद समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.



