आदित्यपुर से गम्हरिया तक सरकारी जमीन पर 50 से अधिक अवैध स्क्रैप टाल हो रहे हैं संचालित, नहीं होती कोई करवाई, कल सीओ गम्हरिया के निरीक्षण में मिला सरकारी नलकूप बावजूद नहीं हुई करवाई


Saraikela : आदित्यपुर से गम्हरिया तक सरकारी जमीन पर 50 से अधिक अवैध स्क्रैप टाल संचालित हो रहे हैं. इनके संचालन पर कभी कोई कारवाई नहीं होती. कल अचानक सीओ गम्हरिया के द्वारा भाटिया बस्ती में संचालित स्क्रेप टाल का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान स्क्रेप टाल में सरकारी नलकूप भी मिला बावजूद इसके कोई करवाई नहीं की गई. कल के स्क्रेप टाल के औचक निरीक्षण और नहीं की गई कोई कारवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं. जबकि अवैध स्क्रैप टाल में निरीक्षण के दौरान सरकारी नलकूप मिला है. बता दें कि आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भाटिया बस्ती स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के समीप संचालित तथाकथित अवैध स्क्रैप टाल को लेकर विवाद चल रहा है. बताया जाता है कि इस स्क्रेप टाल में रेलवे और औद्योगिक इकाइयों से चोरी किए गए लोहे, तांबे और अन्य कीमती धातुओं की अवैध खरीद-फरोख्त होती है, इसका आरोप स्थानीय लोगों द्वारा बराबर लगाए जाते रहे हैं. इन्हीं आरोप की जांच करने कल गम्हरिया अंचल अधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रवीण कुमार पहुंचे थे. स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्क्रैप टाल परिसर में सरकारी नलकूप के हिस्से समेत कई संदिग्ध सामग्री मौजूद थी जिसकी शिकायत प्रशासन से की गई थी. उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह के निर्देश पर तीन दिनों बाद जब अंचल अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचे तो कथित तौर पर उनके सामने रखा सरकारी नलकूप दिखाई ही नहीं दिया. और वे कोई कारवाई किए चले गए. आरोप है कि अंचल अधिकारी स्क्रैप टाल के अंदर तक गए बिना ही निरीक्षण कर लौट गए. जबकि उसी समय टाल परिसर के कमरे में रेलवे और औद्योगिक क्षेत्र से चोरी की गई धातुएं मौजूद थीं. स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि स्कूल जैसे संवेदनशील स्थान के पास इस तरह का अवैध कारोबार बच्चों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है. लोगों ने सवाल उठाया है कि जब सरकारी नलकूप जैसी सार्वजनिक संपत्ति वहां मौजूद थी तो उसे नजरअंदाज कैसे किया गया. वहीं पत्रकारों के सवाल पर अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि जमीन का भौतिक सत्यापन किया जाना है और जमीन मालिक को कागजात के साथ बुलाया गया है. कागजातों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.




