मेयर के आदेश पर डीएमएफटी फण्ड के तहत लाइट लगाने भड़का पार्षद आदिवासी युवक को दी गाली, थाने में प्राथमिक दर्ज






आदित्यपुर: आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर निगम के वार्ड संख्या-1 के पार्षद वनमाली दास के ख़िलाफ़ गणेश सरदार नामक युवक ने जातिसूचक अपशब्द बोलने, गाली-गलौज एवं धमकी देने का आरोप लगाया है। इसको लेकर पीड़ित में आदित्यपुर थाने में पार्षद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाया है। आदित्यपुर थाना में लिखित दिए शिकायत में गणेश सरदार ने पुलिस को बताया की वह अपने दोनों बेटों के साथ बुधवार शाम करीब छह बजे घर से निकल रहे थे। इसी दौरान वार्ड पार्षद वनमाली दास ने उन्हें रोककर उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए जातिसूचक गालियाँ दी। पीड़ित ने पुलिस को बताया की उनके गांव में बिजली समेत अन्य समस्याओं को लेकर ग्रामीणों के साथ मेयर संजय सरदार से मिले थे। जिसके बाद मेयर के द्वारा उनके वनडीह स्थित गांव में डीएमएफटी फण्ड से लाइट और बिजली की समस्या को देखते हुए ट्रांसफार्मर लगवा रहे थे। चूँकि मेयर द्वारा चुनाव के दौरान ग्रामीणों से वायदा किया गया था। जब इस बात की जानकारी पार्षद वनमाली दास को हुई तो वह आगबाबुला हो गया और आदिवासी भूमिज संबोधित करते हुए अभद्र टिप्पणी की। इसपर जब विरोध किया तो कहा की इस वार्ड का पार्षद मैं हूँ और मैं जो चाहूँगा जहाँ चाहूँगा वही विकास का काम होगा कोई मेयर का आदेश मेरे वार्ड में नहीं चलेगा। ज़्यादा तुम आदिवासी लोग पार्षद मत बनो। इसकी विधिवत सूचना पार्षद संजय सरदार को भी दी गई। इधर गुरुवार की शाम आनंदपुर और वनडीह ग्राम के कई महिला और पुरुष गणेश सरदार के साथ आदित्यपुर थाना पहुंचे और पार्षद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया। बता दें की इससे पूर्व पार्षद वनमाली दास भी गणेश सरदार के खिलाफ आदित्यपुर थाना में फर्जी पार्षद बन विकास का काम करवाने का आरोप लगाया है। इधर मामले को लेकर मेयर संजय सरदार ने कहा कि आदिवासी युवक गणेश सरदार उसका करीबी है और गांव की समस्या को देखते हुए उनके निर्देश पर वहाँ लाइट लगाया जा रहा था। चूँकि वे पूरे निगम क्षेत्र का प्रथम नागरिक है इसके लिहाजा से किसी भी वार्ड की समस्या पर वे अपने स्तर से वहाँ समाधान कर सकते है। इसको लेकर पार्षद को हस्तक्षेप करना प्रोटोकॉल के ख़िलाफ़ है। मामले को लेकर निगम स्तर पर भी बैठक करेंगे। गौरतलब है की इससे पूर्व में वनमाली दास पर कई गंभीर आरोप लग चुके है।




