माघी पूर्णिमा पर रामगढ़ आश्रम हाता में महायज्ञ का तीसरा दिन, आस्था के जनसैलाब से गूंजा पोटका

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पोटका प्रखंड के हाता स्थित प्राचीन गुरुकुल आश्रम रामगढ़ में माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित पांचदिवसीय महायज्ञानुष्ठान, अखंड संकीर्तन एवं दशम विष्णु यज्ञ के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही यज्ञ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए ग्रामीणों का तांता लगा रहा। पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन का श्रवण किया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।

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आश्रम में बीते 58 वर्षों से यज्ञ और हरिनाम संकीर्तन की परंपरा चली आ रही है, जो समय के साथ एक वृहद धार्मिक आयोजन का रूप ले चुकी है। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने दुर्गा पूजा मैदान में लगे मीणा बाजार का भी आनंद लिया, जहां लोगों ने जमकर खरीदारी की।

यह महायज्ञ लगातार पांच दिनों तक चलेगा। आयोजन के अनुसार 6 फरवरी को यज्ञोपवीत संस्कार, धुलट और शाम को पूर्णाहुति के साथ यज्ञ का समापन किया जाएगा।

यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष और मुख्य पुरोहित सुधांशु शेखर मिश्र ने कहा कि यज्ञ ऐसा अनुष्ठान है, जिसमें सभी जाति, धर्म और संप्रदाय का योगदान होता है। यह विश्व कल्याण, आपसी प्रेम और क्षेत्र में सुख-शांति एवं समृद्धि का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि विष्णु यज्ञ भगवान विष्णु की आराधना का विशेष माध्यम है, जो जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की राह दिखाता है।

यज्ञ और पूजा-अर्चना में दिलीप पंडा, किशोर नंद, बबलू भट्टाचार्य, शिबु भट्टाचार्य, राजेश मिश्रा, मधुसूदन भट्टाचार्य सहित अन्य श्रद्धालुओं का सक्रिय योगदान रहा।

इसी क्रम में हरिनाम संकीर्तन के उद्घोष से पूरा पोटका क्षेत्र गूंज उठा। संकीर्तन की प्रस्तुति पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न क्षेत्रों के संप्रदायों और स्थानीय टीमों द्वारा की जा रही है, जिसे सुनने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण आश्रम पहुंच रहे हैं।

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