सुंदरनगर के पास बनेगा नया रेलवे स्टेशन, नौ प्लेटफॉर्म और वंदे भारत हब की भी योजना

जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन पर बढ़ते ट्रेनों के दबाव को कम करने के लिए सुंदरनगर के पास नया रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। टाटानगर और हल्दीपोखर के बीच प्रस्तावित इस स्टेशन के सर्वे का काम अंतिम चरण में है। इसके बाद रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। नए स्टेशन पर शुरुआत में दो प्लेटफॉर्म होंगे और भविष्य में इसका विस्तार किया जाएगा। कुछ ट्रेनों का परिचालन भी यहां से शुरू करने की योजना है। इसके अलावा आदित्यपुर और सालगाझुड़ी स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव होगा तथा गोविंदपुर स्टेशन का नए सिरे से निर्माण किया जाएगा। यह जानकारी चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया ने टाटानगर स्टेशन पर जनसंवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि टाटानगर में प्लेटफॉर्म की संख्या पांच से बढ़ाकर नौ और झारसुगोड़ा में पांच से बढ़ाकर 10 की जाएगी। इसे दो से तीन माह में पूरा करने का लक्ष्य है। चक्रधरपुर स्टेशन पर भी प्लेटफॉर्म बढ़ेंगे। टाटानगर होकर तीसरी रेल लाइन छह माह में तैयार करने का प्रयास है, जबकि हावड़ा से झारसुगोड़ा तक चौथी लाइन को मंजूरी मिल चुकी है।


डीआरएम ने बताया कि टाटानगर स्टेशन के विकास के तहत बर्मामाइंस रोड ओवरब्रिज को सिग्नेचर फोरलेन ब्रिज बनाया जाएगा। स्टेशन के मुख्य द्वार और बर्मामाइंस गेट की ओर नई बिल्डिंग बनाई जाएगी, जिन्हें 36 मीटर चौड़े एसी स्काइवाॅक से जोड़ा जाएगा। यहां मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स भी बनेगा। टाटानगर स्टेशन के पास वंदे भारत ट्रेन का डिपो बनाने की योजना है, जिससे देश के चुनिंदा क्षेत्रों से रेल संपर्क बढ़ेगा। यात्रियों के लिए पुरी-बादापहाड़ एक्सप्रेस और संतरागाछी-खातिपुरा एक्सप्रेस का परिचालन जल्द शुरू करने की तैयारी है। संतरागाछी-खातिपुरा ट्रेन टाटानगर, रांची, तोरी और दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन होते हुए खातीपुरा (जयपुर) तक रोजाना चलेगी। वहीं, चक्रधरपुर रेल मंडल में स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ लगाने का काम जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ठंड में कोहरे की समस्या को देखते हुए टाटानगर-अमृतसर ट्रेन को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अब तक निर्णय नहीं हुआ है।
रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर डीआरएम ने बताया कि हावड़ा से झारसुगोड़ा के बीच पांचवीं और छठी रेल लाइन के लिए एलाइनमेंट पूरा हो चुका है और सर्वे जारी है। रेलवे इसके लिए रैयतदारों और सरकार से जमीन खरीदेगा। दिल्ली की ओर से चांडिल आने वाली रेल लाइन तथा चांडिल से कांड्रा, गम्हरिया और कांड्रा से सीनी के बीच मौजूदा दो लाइनों को बढ़ाकर तीसरी और चौथी लाइन बनाई जाएगी। डांगुवापोसी, राजखरसावां से जरुली और क्योंझर होते हुए भी तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की योजना है। डांगुवापोसी, नोवामुंडी और बड़ाजामदा से बड़बिल तक सिंगल लाइन को डबल किया जाएगा। बिमलगढ़ से बढ़सुआ तक भी डबल लाइन बनेगी। झारसुगोड़ा से सरडीहा के बीच मौजूदा दो लाइनों को पहले तीन और फिर चार किया जाएगा तथा इसे बिलासपुर डिवीजन से जोड़ा जाएगा। बादामपहाड़ से क्योंझर तक नई रेल लाइन और गुरुमहिसानी से खड़गपुर तक कनेक्टिविटी की योजना भी है। डीआरएम ने यात्रियों से ट्रेनों पर पत्थरबाजी, अनावश्यक चेन पुलिंग और रेलवे ट्रैक के पास रील बनाने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि जांच में कई बार मनोरंजन के लिए पत्थर फेंकने की बात सामने आई है, जो यात्रियों के लिए खतरनाक है। उन्होंने रेलवे ट्रैक के पास रील बनाने को संज्ञेय अपराध बताते हुए रेलवे संपत्ति की सुरक्षा, नियमों के पालन और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग मांगा।


