सीतारामपुर ट्रीटमेंट प्लांट की टेस्टिंग में लापरवाही, लीकेज सुधार में देरी पर जिंदल पर सवाल

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Saraikela : सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह से मिलकर आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में जलापूर्ति परियोजना की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताई गई। सीतारामपुर स्थित 30 एमएलडी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य 31 मार्च 2026 को पूर्ण हो चुका है, जिसमें जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका रही है।

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इसके बावजूद बीते 20-25 दिनों से टेस्टिंग प्रक्रिया में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है। टेस्टिंग का मुख्य उद्देश्य पाइपलाइन और सिस्टम में मौजूद लीकेज की पहचान कर उसे तुरंत ठीक करना है, लेकिन कई स्थानों पर लीकेज मिलने के बावजूद 10 दिनों से अधिक समय बीत जाने पर भी सुधार कार्य पूरा नहीं हो सका है। इससे कार्य निष्पादन में लापरवाही को लेकर जिंदल कंपनी की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई कि यदि भविष्य में भी ऐसी ही स्थिति रही, तो लीकेज जैसी समस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी हो सकती है। वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा पेयजल संकट न होने देने के निर्देश के बावजूद प्लांट तैयार होने और पर्याप्त पानी उपलब्ध होने के बाद भी नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं होना चिंता का विषय बना हुआ है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने नगर निगम के अपर नगर आयुक्त तथा संबंधित एजेंसियों को जिला मुख्यालय में तलब किया है। प्रशासन को उम्मीद है कि शीघ्र ही 30 एमएलडी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से नियमित जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी, जिससे आदित्यपुर-2 क्षेत्र की जनता को शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।

इसके साथ ही सापड़ा स्थित 60 एमएलडी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को भी अगस्त तक चालू करने की दिशा में प्रयास जारी है, जिससे पूरे क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।

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