Advertisements
Advertisements

बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बुधवार को सामने आए Axis My India के एग्जिट पोल में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में दलों को मिलने वाली सीटों का भी आकलन किया गया है. इसके मुताबिक पाटलिपुत्र मगध, मिथिलांचल, भोजपुर और चंपारण रीजन में एनडीए की झोली में ज्यादा सीटें आ सकती हैं. वहीं सीमांचल ऐसा इलाका है, जहां महागठबंधन ज्यादा सीटें झटक सकता है. कोसी में कांटे की टक्कर के आसार हैं.एक्सिस माई इंडिया के मुताबिक बिहार की कुल 243 सीटों में से एनडीए को 121-141 सीटें और महागठबंधन (MGB) को 98-118 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी 2 से कम सीटों पर सिमट सकती है. हालांकि वोट शेयर के मामले में एनडीए और महागठबंधन में खींचतान दिख सकती है. एनडीए को 43 फीसदी तो महागठबंधन को 41 पर्सेंट वोट मिलने के आसार जताए गए हैं. एक्सिस माई इंडिया ने बिहार को 6 क्षेत्रों में बांटकर 42 हजार लोगों पर सर्वे के आधार पर रीजन वाइज निष्कर्ष निकाले हैं. उसने बिहार को चंपारण (21 सीटें), सीमांचल (24), कोसी (31), भोजपुर (49), मिथिलांचल (58) और पाटलिपुत्र मगध (60 सीटें) क्षेत्रों में बांटा है.सीमांचल क्षेत्र की 24 सीटों में से महागठबंधन 40 फीसदी वोट शेयर के साथ 15 सीटें झटक सकती है. वहीं एनडीए को 8 सीटें मिलने के आसार बताए गए हैं.कोसी रीजन की 31 सीटों को लेकर दोनों गठबंधनों में कड़ी टक्कर दिखाई गई है. यहां एनडीए को 16 तो महागठबंधन को 15 सीटें मिलती बताई गई हैं. वोट शेयर में भी दोनों के बीच बराबरी की टक्कर है. एनडीए को 43 फीसदी तो एमजीबी को 42 फीसदी वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है. मिथिलांचल की बात करें तो यहां की 58 सीटों में एनडीए को आधी से अधिक सीटें मिलने की संभावना जताई गई है. एनडीए 32 सीटें ले सकती है, वहीं एमजीबी को 25 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है. हालांकि दोनों के वोट शेयर में ज्यादा फर्क नहीं बताया गया है. एनडीए को 43 फीसदी तो एमजीबी को 41 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद है. एक सीट अन्य के खाते में जा सकती है. सर्वे के अनुसार मगध क्षत्र की 60 सीटों पर हुए सर्वे में एनडीए को 35 सीटें और महागठबंधन को 25 सीटें मिलने का अनुमान है. एनडीए को मगध क्षेत्रों की सीटों पर बड़ा लाभ मिलते हुए दिख रहा है. सर्वे के नतीजे बताते हैं कि मगध में जेडीयू और बीजेपी का वोट बैंक अभी भी मजबूत है.एग्जिट पोल बताता है कि बिहार में लड़ाई पूरी तरह से करीबी है. कुछ क्षेत्रों में एनडीए को स्पष्ट बढ़त जरूर मिली है, लेकिन सीमांचल और कोसी जैसे इलाकों में महागठबंधन ने उसे कड़ी चुनौती दी है. अब 14 नवंबर को नतीजे आने के बाद ही साफ होगा कि किस क्षेत्र की बढ़त किस गठबंधन को सरकार बनाने की राह दिखाती है

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

Thanks for your Feedback!

You may have missed