राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता के दौरान कड़े मुकाबले और मानसिक स्वास्थ्य सत्र का आयोजन

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Saraikela: राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता के तीसरे दिन वेव इंटरनेशनल में चल रही प्रतिस्पर्धा और अधिक रोमांचक होती नजर आई. हर राउंड के साथ अंक तालिका में बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे मुकाबले और भी कड़े हो गए हैं. शीर्ष बोर्डों पर खेले जा रहे खेलों में रणनीति, धैर्य और समय प्रबंधन की कड़ी परीक्षा होती दिखाई दी. इस अवसर पर सुरदिब प्राकृतिक प्रोडक्ट्स की प्रबंध निदेशक ज्योति बाला बतौर अतिथि उपस्थित रहीं. उन्होंने खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया, बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा ओपनिंग मूव के साथ दिन के खेल की औपचारिक शुरुआत की.
कार्यक्रम में रेडियो सिटी के आरजे मनोज भी उपस्थित रहे और उन्होंने आयोजन में सहभागिता निभाई. बता दें कि 17 दिसंबर 2025 को खेले गए राउंड–2 में बालक वर्ग में आईएम ईथन वाज़ और आईएम मयंक चक्रवर्ती ने अपने अनुभव का लाभ उठाते हुए जीत दर्ज की, जबकि विग्नेश अद्वैत वेमुला और अरुल आनंद एस.पी.के. के बीच लंबा चला मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ. बालिका वर्ग में उत्तर प्रदेश से डब्ल्यूएफएम शुभी गुप्ता, दिल्ली की डब्ल्यूएफएम साची जैन और कर्नाटक की डब्ल्यूसीएम प्रतीती बोर्डोलोई की जीत ने प्रतियोगिता को और रोचक बना दिया. आज के खेल के चौथे राउंड का शुभारंभ, वेव इंटरनेशनल के एम डी रितेश सिंह, आयोजन समिति के संरक्षक एन के सिंह, सूरज भादानी तथा बिनोद सिंह द्वारा संयुक्त रूप से किया गया. चौथे राउंड में बालक वर्ग में शीर्ष बोर्ड पर गोवा के आईएम ईथन वाज़ और केरल के सी.एम आदिक थियोफेन लेनिन के बीच हुआ ड्रॉ मुकाबला दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहा. वहीं तीसरे बोर्ड पर महाराष्ट्र के दिशांक सचिन बजाज द्वारा अपने ही राज्य के एफएम शार्नार्थी विरेश को पराजित करना दिन का सबसे चौंकाने वाला परिणाम माना गया, जिससे अंक तालिका में बड़ा फेरबदल देखने को मिला.
बालिका वर्ग में डब्ल्यूएफएम शुभी गुप्ता, डब्ल्यूसीएम श्रव्यश्री भीमरसेट्टी और डब्ल्यूएफएम यश ज्योति बिर की जीत के साथ खिताबी दौड़ और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक हो गई. प्रतियोगिता के साथ-साथ खिलाड़ियों के मानसिक संतुलन पर भी विशेष ध्यान दिया गया. इसी क्रम में फिटनेस न्यूट्रिशन क्लब के रजनी भदानी द्वारा एक मेंटल हेल्थ एवं वेलनेस सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों से भी संवाद किया गया. सत्र के दौरान बताया गया कि लंबे और तनावपूर्ण मुकाबलों के बीच मानसिक दबाव से कैसे बचा जाए, एकाग्रता को कैसे बनाए रखा जाए तथा संतुलित और पौष्टिक आहार किस प्रकार बेहतर प्रदर्शन में सहायक होता है.

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