सोना देवी विश्वविद्यालय में NSS द्वारा “हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा” अभियान के तहत भव्य जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

JHARKHAND : स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर एवं राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा शुक्रवार को “हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा” अभियान के अंतर्गत विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, अखंडता, संवैधानिक मूल्यों एवं राष्ट्र के प्रति नागरिक दायित्वों की भावना को और अधिक मजबूत करना था।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों एवं क्षेत्रवासियों को यह संदेश दिया गया कि राष्ट्रीय ध्वज केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि यह भारत की स्वतंत्रता, संप्रभुता, राष्ट्रीय गौरव, त्याग, बलिदान, एकता और अखंडता का प्रतीक है। तिरंगे के प्रति सम्मान प्रत्येक भारतीय नागरिक के हृदय में स्वाभाविक रूप से होना चाहिए तथा इसके सम्मान एवं गरिमा को बनाए रखना हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है।
कीताडीह गांव में चलाया गया विशेष जन-जागरूकता अभियान
कार्यक्रम की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में NSS के स्वयंसेवकों एवं विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों द्वारा कीताडीह गांव में विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उन्हें “हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा” अभियान के उद्देश्य और राष्ट्रीय ध्वज के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
NSS स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को बताया कि तिरंगा भारत की विविधता में एकता की भावना का प्रतिनिधित्व करता है। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, भाषायी एवं सामाजिक विविधता के बावजूद देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों को अपने घरों पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।
ग्रामीणों के साथ संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने राष्ट्रहित, समाजहित, स्वच्छता, सामाजिक समरसता, संवैधानिक कर्तव्यों और जिम्मेदार नागरिकता जैसे विषयों पर भी जागरूकता का संदेश दिया। इस पहल से विश्वविद्यालय और ग्रामीण समाज के बीच सामाजिक सहभागिता एवं जन-जागरूकता को भी मजबूती मिली।
डॉ. शिवचन्द्र झा ने राष्ट्रनिर्माण में युवाओं की भूमिका पर दिया जोर
इस अवसर पर राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष एवं NSS कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. शिवचन्द्र झा ने कहा कि “हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा” अभियान देश के प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के प्रति अपने प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारी को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। तिरंगा हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, उनके त्याग और बलिदान की स्मृति को जीवंत करता है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना केवल किसी विशेष दिवस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह उनके चरित्र, आचरण, विचार और सामाजिक व्यवहार का हिस्सा बननी चाहिए। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमें संविधान का सम्मान करना चाहिए, अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए और समाज में शांति, सद्भाव एवं भाईचारे की भावना को मजबूत करना चाहिए।
डॉ. झा ने पुनः कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। युवा वर्ग यदि अपनी ऊर्जा, प्रतिभा, ज्ञान और तकनीकी दक्षता को सकारात्मक दिशा में लगाए तो भारत को विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समझें और “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ देशहित में कार्य करने का संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि तिरंगे का सम्मान केवल उसे फहराने तक सीमित नहीं है। तिरंगे के वास्तविक सम्मान का अर्थ है—देश के संविधान का सम्मान, लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान, राष्ट्रीय एकता की रक्षा, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और राष्ट्र के विकास में ईमानदारी से योगदान देना।
कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने कहा—तिरंगा राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक
कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा भारत की राष्ट्रीय पहचान और गौरव का प्रतीक है। इसके तीनों रंग और अशोक चक्र हमें निरंतर त्याग, साहस, शांति, प्रगति एवं सतत गतिशीलता का संदेश देते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने देश की स्वतंत्रता के इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार, गांव तथा समाज के अन्य लोगों को भी राष्ट्रीय ध्वज के महत्व एवं सम्मान के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि सोना देवी विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय चेतना के निर्माण के लिए भी प्रतिबद्ध है। NSS के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज के साथ जुड़कर कार्य करने और सेवा की भावना को व्यवहार में उतारने का अवसर प्राप्त होता है।
कुलपति प्रो. डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
कुलपति प्रोफेसर डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करने और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर भी है।
उन्होंने कहा कि “हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा” अभियान विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, जिम्मेदारी और देशप्रेम को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ अच्छे नागरिक, जिम्मेदार युवा और राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।
कुलपति ने कहा कि वर्तमान समय में देश के विकास में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, अनुसंधान, उद्यमिता, कृषि, उद्योग और सामाजिक विकास सहित प्रत्येक क्षेत्र में युवा अपनी प्रतिभा का उपयोग कर देश को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे ज्ञान और कौशल के साथ अनुशासन, नैतिकता, ईमानदारी, सामाजिक संवेदनशीलता एवं राष्ट्रप्रेम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने दिया राष्ट्रहित में कार्य करने का संदेश
कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार को प्रेरित करते हुए कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव, सम्मान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमें अनेक महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान के बाद प्राप्त हुई है। इसलिए स्वतंत्रता की रक्षा करना और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि देश के युवा केवल अपने व्यक्तिगत भविष्य के निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में भी अपनी भूमिका सुनिश्चित करें। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ व्यक्ति के साथ-साथ समाज और राष्ट्र को भी प्राप्त हो।
श्री सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी, परिश्रम और समर्पण के साथ कार्य करेंगे तथा भारत की एकता, अखंडता, शांति और विकास को मजबूत करने में अपना योगदान देंगे। उन्होंने सभी से “राष्ट्रहित सर्वोपरि” की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
सुश्री पतत्रि माली ने समझाया तिरंगे के सम्मान का महत्व
कार्यक्रम में NSS कार्यक्रम पदाधिकारी सुश्री पतोत्रि माली ने छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, गरिमा एवं आदर के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज प्रत्येक भारतीय के लिए अत्यंत सम्माननीय है और इसके प्रति सम्मान की भावना हमारे राष्ट्रीय चरित्र का हिस्सा होनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि NSS का उद्देश्य केवल कार्यक्रमों का आयोजन करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने सभी NSS स्वयंसेवकों से अपील की कि वे समाज के बीच जाकर सकारात्मक संदेश फैलाएं और लोगों को जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें।
विश्वविद्यालय परिवार की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, NSS स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों में तिरंगे के प्रति विशेष उत्साह एवं गौरव की भावना देखने को मिली।
NSS स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता से संबंधित संदेशों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को जागरूक किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं प्रगति के लिए कार्य करने की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।
राष्ट्रसेवा एवं सामाजिक जिम्मेदारी का संकल्प
कार्यक्रम के समापन अवसर पर यह संदेश दिया गया कि “हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी का स्मरण कराने वाला जन-अभियान है। सोना देवी विश्वविद्यालय की NSS इकाई द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने, जन-जागरूकता फैलाने तथा सामाजिक एवं राष्ट्रीय सरोकारों से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ कीताडीह गांव में भी देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत किया। विश्वविद्यालय परिवार ने संकल्प व्यक्त किया कि भविष्य में भी NSS के माध्यम से समाजोपयोगी एवं राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाएगा।
“तिरंगा हमारी शान है, भारत हमारी पहचान है; राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा करना हम सभी का महान दायित्व है।”


