सारंडा जंगल मुठभेड़ में झारखंड पुलिस की बड़ी सफलता, एक करोड़ का इनामी नक्सली अनल दा समेत 15 ढेर


चाईबासा : चाईबासा के किरीबुरु स्थित सारंडा जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ को लेकर झारखंड पुलिस ने आधिकारिक जानकारी साझा की है। पुलिस के अनुसार, 22 जनवरी की सुबह करीब 6 बजे चाईबासा जिले में माओवादी दस्ते और सशस्त्र सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई, जो सर्च ऑपरेशन के दौरान लगातार जारी रही।

झारखंड पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 15 शव बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही मौके से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग के सामान भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने पुष्टि की है कि मारे गए नक्सलियों में भाकपा (माओवादी) का शीर्ष नेता अनल दा उर्फ पतिराम मांझी शामिल है, जिस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। विस्तृत जानकारी अलग से प्रेस वार्ता के माध्यम से दी जाएगी।
इस कार्रवाई में कुल 15 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि के बाद इसे झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इससे नक्सली संगठन को भारी नुकसान पहुंचा है।
बताया गया है कि अनल दा न केवल सारंडा क्षेत्र बल्कि बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी मोस्ट वांटेड नक्सली था। वह गिरिडीह जिले का रहने वाला था और अनल दा उर्फ तूफान, उर्फ पतिराम मांझी, उर्फ पतिराम मरांडी और उर्फ रमेश जैसे कई नामों से जाना जाता था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अनल दा भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय कमेटी का प्रमुख सदस्य और संगठन का रणनीतिकार था। वह वर्ष 1987 से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था और टुंडी, पीरटांड़ व तोपचांची जैसे इलाकों में उसकी गहरी पकड़ मानी जाती थी।
अनल दा वर्ष 2000 में बिहार के जमुई जेल में बंद रहा था और गिरिडीह जेल में भी उसने समय बिताया था। जमानत पर छूटने के बाद उसने रांची और गुमला क्षेत्र की कमान संभाली थी और संगठन के लिए रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाता था।
झारखंड पुलिस ने कहा है कि सारंडा क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन आगे भी जारी रहेगा और नक्सलियों के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा।



