छात्र की मौत मामले में BIT मेसरा को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा 20 लाख मुआवजा


रांची : सुप्रीम कोर्ट ने बीआईटी मेसरा के छात्र राजा पासवान की मौत से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। शीर्ष अदालत ने संस्थान को छात्र के माता-पिता को 20 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया और भुगतान के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने की.

यह मामला 14 नवंबर 2024 की घटना से जुड़ा है, जब बीआईटी मेसरा पॉलिटेक्निक के तीसरे सेमेस्टर के छात्र राजा पासवान के साथ कथित तौर पर एक फ्रेशर पार्टी के दौरान मारपीट हुई थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। झारखंड हाईकोर्ट ने अगस्त 2025 में अपने फैसले में संस्थान की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को जिम्मेदार मानते हुए 20 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था।सुनवाई के दौरान संस्थान की ओर से अदालत को भरोसा दिया गया कि तय समय मिलने पर मुआवजे का भुगतान किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए दो सप्ताह की मोहलत दी और मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च 2026 के लिए तय की है।



