जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में ‘भारतीय भाषा उत्सव’ का उल्लासपूर्ण आयोजन

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जमशेदपुर: तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती की जयंती के अवसर पर प्रत्येक वर्ष 11 दिसंबर को ‘भारतीय भाषा दिवस’ मनाया जाता है। इस उपलक्ष्य में जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में आज ‘भारतीय भाषा उत्सव’ बड़े हर्षोल्लास और गरिमापूर्ण तरीके से मनाया गया। इस उत्सव के आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत की समृद्ध भाषाई विविधता और सांस्कृतिक धरोहर को प्रोत्साहित करना था।

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कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सत्यप्रिय महालिक के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, कि भाषाएं किसी भी देश की आत्मा होती हैं। भारतीय भाषाएं हमारे इतिहास, संस्कृति और विविधता का जीवंत प्रतीक हैं। देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में भाषाई सद्भाव का महत्वपूर्ण योगदान है।

इस अवसर पर एक टॉक शो का आयोजन किया गया जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था। टॉक शो के मुख्य वक्ता प्राचार्य डॉ. सत्यप्रिय महालिक थे, जबकि उनसे संवाद प्रो. हरेन्द्र पंडित ने किया। संवाद के दौरान भारतीय भाषाओं के संरक्षण और उनके महत्व पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसे उपस्थित दर्शकों ने बहुत सराहा।

इसके पश्चात आशु प्रहसन (संकल्पनात्मक लघुनाट्य) का आयोजन किया गया। इस सत्र में महाविद्यालय के शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कला एवं प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस आयोजन में भाग लेने वाले शिक्षकों में प्रो. सुनीता गुड़िया, डॉ. अर्चना गुप्ता, डॉ. मोनीदीपा दास, डॉ. कुमारी प्रियंका, प्रो. सुदेष्णा बनर्जी, प्रो. मलिका हेजाब, डॉ. शिप्रा, डॉ. राफिया बेगम, डॉ. विद्याराज, डॉ. मीनाक्षी, प्रो. अमरनाथ सहित अन्य नाम शामिल रहे।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी पूरे जोश और उत्साह के साथ भाग लिया जिसमें छात्र-छात्राओं की शानदार प्रस्तुति हुई। ममता लोहार, शिवशंकर प्रधान एवं अन्य छात्र-छात्राओं ने हिंदी, बंगला, उर्दू, उड़िया, तमिल, तेलुगु सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं में कविताएं, गीत और लघुनाट्य प्रस्तुत किए। छात्रों की प्रस्तुतियों ने भारत की भाषाई विविधता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।

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इसके अतिरिक्त ‘भारतीय भाषाओं का महत्व’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता, चित्रांकन प्रतियोगिता और भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इस आयोजन में महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में भाग लेने और इसे सफल बनाने में प्रमुख रूप से डॉ. जावेद इकबाल, डॉ. सुमन कुमारी, डॉ. वाजदा तबस्सुम, डॉ. संगीता कुमारी सहित अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों का योगदान सराहनीय रहा।

कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के सभी भाषा विभागों के समन्वय में किया गया। इस भव्य आयोजन का संयोजन एवं संचालन प्रो. हरेन्द्र पंडित द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अमरनाथ सिंह ने किया।

इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों और आयोजन समिति के सदस्यों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया गया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक गायन और भारतीय भाषाओं के गौरव को नमन करते हुए किया गया।

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