80 लाख में नौकरी का सौदा, पिता के खाते से एजेंट को भेजे 16 लाख; CID जांच में बड़ा खुलासा






रांची : JPSC भर्ती घोटाले की जांच कर रही CID को गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सफल हजारीबाग के बड़कागांव निवासी सुमन सौरभ ने पूछताछ में बताया कि चयन कराने के लिए एजेंट पवन सिंह से 80 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इसके तहत 20 लाख रुपये पीटी से पहले, 40 लाख मुख्य परीक्षा से पहले और 20 लाख साक्षात्कार से पहले देने की शर्त थी। सौरभ के अनुसार वह इससे पहले दो बार JPSC और एक बार JSSC CGL में असफल हो चुका था।


सुमन सौरभ ने CID को बताया कि पवन सिंह ने उसे केवल आने वाले सवालों के जवाब भरने और बाकी OMR खाली छोड़ने को कहा था। 19 अप्रैल 2026 को बोकारो केंद्र पर हुई 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में उसने दोनों पालियों में केवल 38 और 48 प्रश्न हल किए। पीटी के बाद पिता के खाते से पवन के Axis Bank खाते में चार किस्तों में 12 लाख रुपये भेजे गए। 2 जुलाई 2026 को रिजल्ट आने के बाद चार लाख रुपये और दिए गए। इस तरह कुल 16 लाख रुपये के भुगतान की बात सामने आई है। OMR शीट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला खुला और अब CID दोनों के बैंक खातों की जांच कर रही है।
CID रिमांड पर पूछताछ में उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता ने गड़बड़ी की बात स्वीकार की, लेकिन कहा कि 11वीं और 13वीं JPSC का परिणाम तत्कालीन अध्यक्ष एल खियांग्ते के निर्देश पर तैयार और प्रकाशित किया गया था। जांच में TDPL एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा OMR शीट में बदलाव और परीक्षा संचालन से जुड़े काम किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। CID अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।


