विसर्जन के दौरान मारपीट मामले में झामुमो नेता ने आरोपों को नकारा, उच्चस्तरीय जांच की मांग

जमशेदपुर : परसूडीह थाना क्षेत्र में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला महासचिव मानिक मलिक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। गुरुवार को परसूडीह में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने आरोप लगाया कि घटना को राजनीतिक रंग देकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। इस घटना में दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई थी।

मानिक मलिक के अनुसार, विसर्जन के दौरान एक दुकानदार द्वारा पैसे मांगने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने दुकानदार के साथ गाली-गलौज की और उसकी बेटी के साथ छेड़खानी की। इसकी जानकारी मिलने पर वह अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और घटना का विरोध किया। उनका आरोप है कि विरोध करने के बाद दूसरे पक्ष के 30 से 40 लोग वहां पहुंच गए और मारपीट शुरू कर दी।
झामुमो नेता ने कहा कि दूसरे पक्ष की ओर से मारपीट किए जाने के बाद स्थानीय लोगों और उनके समर्थकों ने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने दावा किया कि मारपीट के दौरान किसी का सिर नहीं फूटा था। मानिक मलिक ने आरोप लगाया कि घटना को गलत नीयत से तूल दिया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग दोहराई।


