झारखंड में हाथी-मानव संघर्ष रोकने की तैयारी, QRT होगी मजबूत; जंगलों में बनेंगे जलस्रोत

रांची : झारखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने और हाथियों समेत अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग त्वरित कार्रवाई दल (QRT) को मजबूत करेगा। हाथियों के प्राकृतिक आवास में चारागाह और जलस्रोत विकसित करने के साथ उनके पारंपरिक आवागमन मार्गों की पहचान, वैज्ञानिक मैपिंग और संरक्षण पर भी ध्यान दिया जायेगा। इस संबंध में मंगलवार को वन भवन स्थित राज्य मुख्यालय में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हॉफ) संजीव कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई।

मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी एसआर नटेश ने जंगलों में भोजन और पानी की उपलब्धता बढ़ाने की रूपरेखा प्रस्तुत की। वहीं, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी रवि रंजन ने QRT को प्रशिक्षण, संचार सुविधाओं, संसाधनों और सुरक्षा उपकरणों से लैस करने पर जोर दिया। बैठक में हाथी कॉरिडोर को सुरक्षित रखने, आवागमन की बाधाएं कम करने और वन विभाग, स्थानीय समुदायों तथा विकास परियोजनाओं से जुड़ी एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।
बैठक में ऑडिट पैरा के निष्पादन और विभागीय लंबित मामलों की समीक्षा को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। इसमें प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह कार्यकारी निदेशक, बंजर भूमि विकास बोर्ड एटी मिश्रा और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक विकास डी वेंकटेश्वर लू समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।


