सेवाती घाटी के ‘कपिला शिव थान’ को पर्यटन स्थल बनाने की मांग

कसमार : बोकारो जिले के कसमार प्रखंड स्थित सेवाती घाटी में जंगल के बीच मौजूद ‘कपिला शिव थान’ को पर्यटन विकास योजना में शामिल करने की मांग उठी है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, यहां चट्टानों पर कपिला गाय के पदचिह्न और शिवलिंग जैसी आकृतियां दिखाई देती हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिछले मंगलवार को सेवाती घाटी के दौरे के बाद पर्यटन विकास को लेकर चर्चा तेज हुई है। मुख्यमंत्री ने उपायुक्त को क्षेत्र के विकास के लिए योजना तैयार करने का निर्देश दिया था।


इसी क्रम में समाजसेवी मनोज कुमार महतो, वीरेंद्र कुमार महतो, शिक्षाविद पंकज कुमार जायसवाल और अन्य लोगों की टीम ने स्थल का निरीक्षण कर इसे पर्यटन योजना में शामिल करने की मांग की। मुख्य मार्ग से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित इस स्थल तक जुमरा गांव से जंगल के रास्ते पहुंचा जा सकता है। स्थानीय लोग पहले इसे ‘कपिला गाय भांज’ के नाम से जानते थे। निवासी रमेश कुमार महतो के अनुसार, बचपन में ग्रामीण यहां चट्टान पर उभरी शिवलिंग जैसी आकृति पर बेलपत्र चढ़ाते थे, लेकिन घने जंगल के कारण नियमित पूजा की परंपरा विकसित नहीं हो सकी।
शिक्षाविद पंकज कुमार जायसवाल ने चट्टानी आकृतियों और उनसे जुड़ी लोककथाओं के वैज्ञानिक अध्ययन की जरूरत बतायी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थल के विकास से सेवाती घाटी का पर्यटन आकर्षण बढ़ सकता है। इसके लिए पहुंच मार्ग, सुरक्षा, साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था के साथ जंगल और प्राकृतिक वातावरण का संरक्षण भी जरूरी होगा।


