धोखाधड़ी की नीयत से रजिस्ट्री कराने से संबंधित लगभग ग्यारह साल पुराने मामले में जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय से तीन आरोपी बरी।

जमशेदपुर: न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी श्री धर्मेंद्र कुमार की अदालत ने अभियुक्तगण भवानी हलदर, गणेश हलदर एवं रूबी झा को ग्यारह साल पुराने वाद में बरी कर दिया।

ज्ञात हो कि उक्त मामला उलीडीह थाना से संबंधित है। मामले में सूचक कार्तिक हलदर द्वारा जनवरी 2015 को भारतीय दंड संहिता की धारा- 467, 468 एवं 427 के तहत भवानी हलदर, गणेश हलदर एवं रूबी झा पर धोखाधड़ी की नीयत से रजिस्ट्री कराने से संबंधित ओलिडीह थाना में एक वाद दर्ज कराया था। जिसमें सिर्फ एक गवाह की गवाही दर्ज हो पाई। मामले की सुनवाई अंतर्गत, उपस्थित गवाह, साक्ष्य परिक्षण उपरांत न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को बरी कर दिया।
भवानी हलधर के अनुसार यह एक झूठा मामला था। सच्चाई को झूठ में परिवर्तित करना बिल्कुल आसान नहीं है इसलिए अन्य जो भी गवाह से वो गवाही में उपस्थित नहीं हुए।
इस मुकदमे में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता हेमंत कुमार एवं श्रीकांत चौरसिया ने अभियुक्तों की ओर उपस्थित थे। साथ ही मामले में पथ प्रदर्शक के रूप में एसोसिएट अधिवक्ताओं में अक्षय कुमार झा, मिथिलेश सिंह, राजेश कुमार प्रमाणिक एवं रमेश प्रसाद का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।


