सरला बिरला विवि में इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन

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राँची :- इंडियन कौंसिल ऑफ़ सोशल साइंस रिसर्च (आईसीएसएसआर), नयी दिल्ली के सहयोग से सरला बिरला विश्वविद्यालय में बिरसा मुंडा के विजन और कृतित्व पर आयोजित इंटरनेशनल कांफ्रेंस में बतौर मुख्य अतिथि पद्मश्री अशोक भगत ने ग्राम स्वराज की स्थापना की बात कही। उन्होंने उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज से काफी कुछ सीखा जा सकता है और समाज की ताकत को पहचानना अत्यंत आवश्यक है। समाज के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा की चर्चा करते हुए उन्होंने अबुआ राज की स्थापना पर जोर दिया। इस दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन एसबीयू के फैकल्टी ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट द्वारा जनजातीय गौरव स्कीम के तहत किया जा रहा है।

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कार्यक्रम में अपने संबोधन में विशिष्ट अतिथि रामकृष्ण आश्रम, मोरहाबादी के सचिव स्वामी भवेशानंद ने स्वामी विवेकानंद की चर्चा करते हुए कहा कि व्यक्ति की आयु महत्वपूर्ण नहीं, वरन उस आयु में उसके द्वारा किया गया कार्य महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बिरसा मुंडा के आंदोलन की शुरुआत और उससे संबंधित दूसरी जानकारियां साझा की। विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर सी जगनाथन ने बिरसा मुंडा के कृतित्व और उनसे जुड़े प्रेरक प्रसंग की चर्चा करते हुए आदिवासियों के जल- जंगल-जमीन से जुड़ाव की बात कही। माननीय महानिदेशक प्रो गोपाल पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि बिरसा मुंडा की जीवनी बताती है कि किस तरह एक व्यक्ति पूरे समाज को बदल पाने में सक्षम है। उन्होंने अबुआ राज की संकल्पना की आवश्यकता पर अपना विचार रखा।

इस अवसर पर सरला बिरला विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. एस बी डांडिन, डीन डॉ. अरबिंदा भंडारी, डॉ. पूजा मिश्रा, डॉ. विदुषी शर्मा समेत विवि के शिक्षकगणों और शिक्षकेत्तर कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सम्मेलन के सत्र में बिरसा मुंडा के परपोते श्री सुखराम मुंडा ने भी भाग लिया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी हुई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गगनदीप ने किया।

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इस सम्मेलन के आयोजन पर विवि के माननीय प्रतिकुलाधिपति श्री बिजय कुमार दलान और माननीय राज्यसभा सांसद डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने हर्ष व्यक्त किया है।

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