डी.बी.एम.एस कॉलेज में अन्तर महाविद्यालय काव्य पाठ एवं साहित्यिक प्रश्नोत्तरी का किया गयाआयोजन

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जमशेदपुर:  डी.बी.एम.एस कॉलेज में अन्तर महाविद्यालय काव्य पाठ एवं साहित्यिक प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया | इस प्रतियोगिता में को-ऑपरेटिव कॉलेज, स्वामी विवेकानन्द कॉलेज , श्रीनाथ कॉलेज , करीम सिटी कॉलेज , रंभा कॉलेज के छात्रों ने भाग लिया | प्रथम पुरस्कार काव्य पाठ  प्रतियोगिता  में श्रीनाथ कॉलेज की  बी एड की छात्रा रश्मि कुमारी  को  दिनकर  की  रश्मि रथीके  ओजस्वी पाठ के लिए मिला |द्वितीय पुरस्कार  को-ऑपरेटिव कॉलेजके  विकास  कुमार  को मिला | साहित्यिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में स्वामी विवेकानंद  कालेज की ‘तुलसी’ टीम के प्रतिभागियों को प्रथम पुरस्कार शालिनी और पुष्पा पूर्ति  को  मिला द्वितीय स्थान पर करीम सिटीकॉलेज  की  ‘रहीम’  टीम  की नाजमीनकौसर और सुषमा भुत कुँवर को मिला |’महादेवी’ टीम तृतीय स्थान पर रही को-ऑपरेटिव कॉलेज के विकास कुमार और दिव्या कुमारी थे | इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए गये |

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इसके पश्चात पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया जिसमें  बी .चंद्रशेखर,  मणि सरीन, श्रीप्रिया धर्मराजन , तमिलसेल्वी बालाकृष्णन,डॉ.जूही समर्पिता,गवर्निंग बॉडी के सचिव सतीश सिंह के द्वारा पुरस्कार और स्मृति चिन्ह प्रतियोगियों को प्रदान किया गया | विशिष्ठ अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिप्रा मिश्रा के हाथों पुरस्कार प्राप्त कर प्रतिभागी बेहद प्रसन्न थे | उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं | उनके ऊपर पीढ़ियों को गढ़ने की  बहुत बड़ी जिम्मेवारी है |

यह अहसास यदि शिक्षक को हो तो वे निश्चित ही देश की शिक्षा व्यवस्था को सुधार सकते हैं | हिंदी का उच्चारण और लेखन बिलकुल वैज्ञानिक है | हिंदी भाषा संपन्न है संबंधों और विभिन्न अवयवों के नाम जितना स्पष्ट और ज्ञानवर्धक है उतना कोई भाषा में संभव नहीं है | मुख्य अतिथि मणि सरिन ने भी अपने संबोधन से छात्रों को प्रेरित किया और हिन्दी के बदलते स्वरुप पर प्रकाश डाला | उन्होंने कहा कि हिन्दी अब आर्थिक रूप से भी हमें सम्पन्न बनाती है |

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