संभावित चक्रवार्ती तूफान “YAAS” को देखते हुए उपायुक्त ने डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट का बैठक किया , सभी पदाधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें , सभी संबंधित विभाग अपनी टीम को हाई अलर्ट में 24×7 सक्रिय रखें ,चक्रवाती तूफान से किसी प्रकार की जान-माल की क्षति ना हो इस हेतु सभी जिलेवासी भी करें सहयोग- उपायुक्त

Advertisements
Advertisements

सरायकेला :- संभावित चक्रवाती तूफान ‘YAAS’ के प्रकोप से बचाव हेतु जिला दंडाधिकारी -सह- उपायुक्त श्री अरवा राजकमल ने आज गूगल मीट के माध्यम से डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट का बैठक किया। इस दौरान उपायुक्त महोदय ने जिले में संभावित चक्रवाती तूफान “YAAS” से बचाव हेतु बिजली विभाग, वन विभाग नगर निकाय एवं अन्य सम्बंधित विभाग द्वारा किए गए तैयारियों कि जानकारी ली । उपायुक्त ने कहाँ सभी टीम 24×7 सक्रिय होकर कार्य करेंगे। सभी विभागीय पदाधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए जान-माल के सुरक्षा के लिए कार्य करेंगे।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

इस दौरान उपायुक्त ने निम्नलिखित निदेश दिए-

▪️ चांडिल डैम, खरकाई डैम एवं बैंकवाल डैम के कार्यपालक पदाधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें।

▪️ सभी बचाव टीम को सक्रिय मोड में रखे। पानी के लेवल कि जानकारी अपडेट करते रहे। आवश्यकतानुसार पानी रिलीज करने से पूर्व आपसी सहमति बनाए। जिससे किसी भी प्रकार के जान माल कि क्षति ना हो।

▪️डैम से पानी छोड़ने एवं स्टोर करने हेतु सभी तैयारी जल्द से जल्द कर ले।

▪️ बिजली विभाग सभी आवशयक समाग्री जो किसी प्रकार के छति से बिजली प्रारम्भ करने में उपयोग किया जाना हो स्टोर कर ले।

▪️ बिजली विभाग सभी स्टेसन एवं सब स्टेशन में टीम को अलर्ट मूड में सक्रिय रखे।

▪️ सदर अस्पताल जेल , CHC, PHC एवं समाहरणालय, SP ऑफिस जैसे आवश्यक कार्यालयों में अधिक देर तक बिजली बाधित ना हो यह सुनिश्चित करें।

▪️ सड़क पर पेड़ गिरने कि सूचना पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पेड़ को काटकर हटाते हुए आयायत को प्रारम्भ करें। इस हेतु वन विभाग एवं NH के टीम सक्रिय रहे।

See also  विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू करने की कवायद तेज, पूरी प्रक्रिया को 100 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य, 11 को विशेष बैठक

▪️ नगर निकाय के सभी कार्यपालक पदाधिकारी अपने सम्बंधित क्षेत्र में संभावित चक्रवात “YAAS” से बचाव हेतु जागरूकता वाहन के माध्यम से प्रचार प्रसार कराए।

▪️ विभाग अंतर्गत उपलब्ध सभी वाहन एवं सुरक्षा टीम को सक्रिय रखे।

▪️ नगर क्षेत्र में ऐसे भवन या घर जो जर्जर कि स्थिति में है उस भवन को खाली कराकर अगले तीन दिन के लिए लोगो को सेल्टस हाउस में रखे।

▪️ सेल्टस हाउस में साफ सफाई एवं कहना पानी का समुचित व्यवस्था रखे।

▪️जिले पटना में से आ रही 2 NDRF कि टीम में एक टीम सरायकेला एवं एक टीम गम्हरिया क्षेत्र में सक्रिय रहेगी।

▪️ चांडिल डैम के आस पास रह रहे मछुवारों को सुरक्षित जगह पहुंचाया जाए।

इस दौरान उपायुक्त ने अद्योगिक जगत के सभी प्रबंधक से संभावित चक्रवाती तूफान “YAAS” को देखते हुए अति आवश्यक कार्य को छोड़कर अन्य सभी कार्य को स्थगित रखने का अनुरोध किया।

उपायुक्त ने किया अपील- उपायुक्त श्री अरवा राजकमल ने सभी सरायकेला-खरसावां जिलेवासियों से संभावित चक्रवाती तूफान YAAS को देते हुए अनावश्यक घरो से बाहर ना निकलने का अपील किया। उपायुक्त ने कहाँ संभावित चक्रवाती तूफान का प्रभाव सरायकेला-खरसावां जिले में 26 से 28 मई तक रहेगा। जिससे सुरक्षित रहने हेतु अति आवश्यक परिस्थिति को छोड़कर अनावश्यक घर से बाहर ना निकले। उन्होंने कहा बड़े पेड़ के निचे जानवर और वाहन को ना रखे। जिला प्रशासन यह प्रयास कर रही है कि संभावित चक्रवाती तूफान से किसी प्रकार के जानमाल की क्षति ना हो। जिसके लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। चक्रवर्ती तूफान में आप सभी जिले वासियों का सहयोग अपेक्षित रहेगा। उपायुक्त ने कहाँ यदि किसी का घर भवन कि स्थिति जर्जर है टू वह कृपया अपने प्रखंड अंतर्गत बनाए गए सेल्टर हाउस में आके कर रहे जँहा तीन दिन के लिए सभी खाने एवं समुचित व्यवस्था किया गया है।

See also  रसोई गैस फिर महंगी: घरेलू सिलेंडर ₹60 और कमर्शियल ₹115 बढ़े, कारोबारियों की बढ़ी चिंता

उपायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि चक्रवाती तूफान “YAAS” को लेकर सरायकेला-खरसावां जिले को हाई अलर्ट जारी किया गया है। चक्रवर्ती तूफान “YAAS” का प्रभाव जिले में 26 से 28 मई 2021 के बीच गरज के साथ, छिंटे, बिजली, तेज हवा और बदल के साथ अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।

संभावित चक्रवर्ती तूफान से बचने हेतु क्या करें?

• आवास में ऊपरी तलों के अपेक्षा भूतल पर रहें।

• रेडियो और टीवी पर मौसम के साथ होने का संदेश प्राप्त होने का इंतजार करें।

• पुराने और क्षतिग्रस्त भवनों और पेड़ों के नजदीक आश्रय लेने से बचें

• बिजली और टेलीफोन के खंभों के नीचे ना खड़े हो। खंभों के गिरने से शारीरिक क्षति हो सकती है।

• घर से बाहर होने पर किसी छात्र दार मकान में आश्रय लें।
आपदा की स्थिति में सहायता के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के निम्नलिखित दूरभाष नंबर पर संपर्क करें –

7903376620 / 06597234002 / 18003456461

 

Advertisements

You may have missed