झारखंड में इंटरमीडिएट शिक्षकों के समर्थन में विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ उतरा मैदान में, सरकार से की तत्काल नियोजन की मांग


रांची/जमशेदपुर:- झारखंड विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ ने राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में कार्यरत इंटरमीडिएट के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लंबे समय से जारी आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। महासंघ ने एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार से मांग की है कि इन शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के बाद राज्य के विभिन्न विद्यालयों में रिक्त पदों के विरुद्ध जल्द से जल्द नियोजित किया जाए।

प्रेस विज्ञप्ति में महासंघ के अध्यक्ष श्री धीरेन्द्र कुमार राय, महामंत्री श्री विश्वम्भर यादव, उपाध्यक्ष श्री संतोष कुमार, संयुक्त सचिव श्री वेद प्रकाश शुक्ला, पूर्व संयुक्त सचिव श्री एस.एन. पांडेय समेत कोल्हान, रांची, सिदो कान्हू मुर्मू, विनोबा भावे और जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर किए हैं।
महासंघ ने सरकार की उपेक्षा और उदासीनता की आलोचना करते हुए कहा कि इंटरमीडिएट की पढ़ाई बंद होने से हजारों शिक्षक और कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। जबकि उनके कार्यालय और विभाग स्वतंत्र रूप से संचालित होते थे, केवल भवन का उपयोग साझा था जिसे समायोजन कर जारी रखा जा सकता था।
महासंघ ने साफ किया है कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो महासंघ आंदोलन में सीधे भागीदारी पर विचार करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यह केवल शिक्षा व्यवस्था को ही नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों के भविष्य को भी प्रभावित करने वाला निर्णय है।



