“अगर खिलाफ हैं तो होने दो…” — कांग्रेस से निलंबन के बाद भावुक हुईं जेबा खान, पार्टी नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप…


जमशेदपुर: कांग्रेस पार्टी से निलंबित किए जाने के बाद शाइस्ता परवीन उर्फ जेबा खान ने सोमवार को पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। मानगो स्थित अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें कांग्रेस से इसलिए बाहर किया गया क्योंकि वे एक कर्तव्यनिष्ठ कार्यकर्ता रही हैं और मुस्लिम समुदाय से आती हैं। प्रेस वार्ता के दौरान वे भावुक हो गईं और फूट-फूटकर रो पड़ीं। इस मौके पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रीना सिंह, फिरोज खान समेत कई अन्य लोग मौजूद थे।

जेबा खान ने कहा कि उन्हें अपने हक और अधिकार की बात उठाने की सजा दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर कुछ प्रभावशाली नेताओं के दबाव में उन्हें निलंबित किया गया है। विशेष रूप से उन्होंने मंत्री बन्ना गुप्ता का नाम लेते हुए कहा कि उनके प्रभाव में यह निर्णय लिया गया। जेबा खान के अनुसार यह फैसला न केवल उनके साथ अन्याय है, बल्कि कांग्रेस की लोकतांत्रिक परंपराओं और विचारधारा के भी खिलाफ है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या मुस्लिम होना उनकी गलती है और क्या अपने समाज के अधिकारों की बात करना अपराध है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक गरीब मुस्लिम तबके की बेटी की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। जेबा खान ने बताया कि वे पिछले लगभग दस वर्षों से कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्य रही हैं और पार्टी की विचारधारा के लिए लगातार संघर्ष करती रही हैं।
जेबा खान ने कहा कि सीएए-एनआरसी आंदोलन से लेकर किसान आंदोलन तक उन्होंने सक्रिय रूप से भाग लिया और पार्टी के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष किया। उन्होंने खुद को राहुल गांधी की सिपाही बताते हुए कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान वे कन्याकुमारी से कश्मीर तक करीब 4200 किलोमीटर पैदल चलीं। उनका कहना था कि जिस पार्टी को उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया, उसी पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।
प्रेस वार्ता में उन्होंने कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और भाई-भतीजावाद का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि वर्ष 2022 में बन्ना गुप्ता ने अपने भाई को जिला अध्यक्ष बनवाने का प्रयास किया और वर्ष 2025 में अपनी पसंद के व्यक्ति को जिला अध्यक्ष बनवाने में सफलता पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी दबाव के कारण उन्हें पार्टी से निलंबित किया गया।
भावुक होते हुए जेबा खान ने कहा कि आज मानगो की एक बेटी की आंखों से आंसू बह रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला जनता करेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बन्ना गुप्ता अपनी पत्नी को मेयर बनाना चाहते हैं और उन्होंने कभी अन्य कांग्रेसी नेताओं या मुस्लिम समुदाय के लोगों का समर्थन नहीं किया।
प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने शायरी के माध्यम से अपनी पीड़ा व्यक्त की। जेबा खान के इन बयानों के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें कांग्रेस पार्टी की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि पार्टी इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाती है।



