72 घंटे में बहाली नहीं हुई तो 16 सितंबर से दारीसाई केंद्र के मुख्य द्वार पर तालाबंदी

गालूडीह : क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र दारीसाई में वर्ष 1989 से कार्यरत मजदूरों को दोबारा काम पर बहाल करने की मांग को लेकर पूर्वी सिंहभूम माझी परगना महाल ने प्रबंधन को पत्र सौंपा है। महाल के प्रखंड अध्यक्ष सह देश विचार सचिव बहादुर सोरेन ने केंद्र के सह निदेशक डॉ एन सलाम और कृषि विज्ञान केंद्र की वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ सीमा सिंह से 72 घंटे के भीतर मजदूरों को काम पर वापस लेने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर 16 सितंबर से दोनों केंद्रों के मुख्य द्वार अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की चेतावनी दी गई है।

पत्र के अनुसार, सनातन महतो, रतिकांत सिंह और स्वपन चंद्र वर्ष 1989 से केंद्र में मजदूरी कर रहे हैं। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें काम से बैठा दिया गया है और इसके विरोध में वे 21 अगस्त से मुख्य द्वार पर धरना दे रहे हैं। सनातन महतो ने बताया कि 24 अगस्त, 2008 को आकस्मिक मजदूरों की समस्याओं को लेकर अधिकारियों और मजदूरों की बैठक हुई थी, जिसमें चार मजदूरों को क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र से कृषि विज्ञान केंद्र में स्थानांतरित कर काम देने का लिखित प्रस्ताव तैयार हुआ था। महाल का दावा है कि उस प्रस्ताव में मजदूरों को काम से हटाने का कोई उल्लेख नहीं था।
बहादुर सोरेन ने मजदूरों का शोषण बंद कर तत्काल बहाली की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर क्षेत्रीय ग्राम सभा, माझी बाबा और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से 16 सितंबर से मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा और इस दौरान पदाधिकारियों तथा मजदूरों को केंद्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।


