लोहे की कंपनी टाटा स्टील पर कानून की हथौड़ी , टैक्स घोटाले मामले टाटा स्टील कटघरे में…


जमशेदपुर — देश की औद्योगिक पहचान मानी जाने वाली टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट लिमिटेड पर अब टैक्स चोरी का गंभीर आरोप लगा है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI), जमशेदपुर ने कंपनी को 17 जून 2025 को नोटिस जारी करते हुए ₹161.5 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने के मामले में जवाब मांगा है। विभागीय जांच के मुताबिक कंपनी ने ऐसे सप्लायर्स के नाम पर टैक्स क्रेडिट का दावा किया जिनका कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं है या जिनका जीएसटी पंजीकरण पहले ही रद्द हो चुका है। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह एक योजनाबद्ध तरीके से किया गया घोटाला है, जिसमें फर्जी इनवॉइस और कागजों के आधार पर टैक्स क्रेडिट लिया गया ताकि सरकार को करोड़ों का चूना लगाया जा सके। नोटिस के अनुसार कंपनी पर टैक्स राशि के साथ-साथ भारी जुर्माना और ब्याज वसूले जाने की संभावना है। हालांकि, अभी तक टाटा स्टील की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन आंतरिक सूत्रों का कहना है कि कंपनी खुद को पूरी तरह कानून के दायरे में बताते हुए जांच एजेंसियों से सहयोग कर रही है। कर मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विभाग के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल कंपनी की साख पर बट्टा लगाएगा, बल्कि देशभर में टैक्स चोरी के खिलाफ चल रहे अभियान को भी मजबूती देगा। सरकार पहले से ही फर्जी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त रवैया अपना चुकी है और ऐसे में इस मामले को एक बड़े उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। देश की प्रतिष्ठित कंपनी पर इतनी बड़ी कार्रवाई से औद्योगिक जगत में हलचल है और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी इसका जवाब कैसे देती है और जांच का अगला कदम क्या होगा।




