सरकारी शराब दुकान में प्रिंट रेट से अधिक वसूली का आरोप, बिल देने से भी इनकार

चाकुलिया : पुराना बाजार स्थित सरकारी शराब दुकान में ग्राहकों से शराब और बीयर की बोतलों पर अंकित प्रिंट रेट से अधिक कीमत वसूलने का मामला सामने आया है. स्थानीय युवकों ने दुकान के कर्मचारियों पर अधिक पैसे लेने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि विरोध करने पर कर्मचारी नई दरें लागू होने का हवाला देते हैं. वहीं, ग्राहक जब बोतल का बारकोड स्कैन कराने या पक्का बिल मांगते हैं, तो उन्हें इससे भी इनकार कर दिया जाता है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, बिल मांगने पर कभी स्कैनर मशीन उपलब्ध नहीं होने तो कभी अन्य बहाने बनाए जाते हैं. युवकों ने आरोप लगाया कि सामाजिक संकोच के कारण अधिकांश ग्राहक विरोध नहीं कर पाते. इसके अलावा पुराना बाजार, माड़दाबांध और शांतिनगर की तीन सरकारी शराब दुकानों के कुछ कर्मचारियों पर मिलीभगत से पश्चिम बंगाल से लाई गई शराब बेचने का भी आरोप लगाया गया है. मिस्त्रीपाड़ा, जामडोल, लोधाशोली और फालदोहा जैसे ग्रामीण इलाकों में सरकारी दुकानों से शराब पहुंचाकर कथित रूप से अवैध शराब केंद्र संचालित कराने की बात भी कही गयी है. ग्रामीणों के मुताबिक, हाल ही में जामडोल में आबकारी विभाग की छापेमारी के दौरान सरकारी दुकान की शराब बरामद हुई थी.
अधिक कीमत वसूलने के आरोप पर दुकानकर्मी मो. अख्तर ने नई दरें लागू होने की बात कही. वहीं, पक्का बिल नहीं देने के सवाल पर उन्होंने स्कैनर मशीन उपलब्ध नहीं होने का हवाला दिया. स्थानीय लोगों ने आबकारी विभाग से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.


