घाटशिला के कुतलुडुंगरी गांव से लापता हुई थी बच्ची, मऊभंडार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर सुरक्षित परिजनों को सौंपा; मामले में नाबालिग लड़का पकड़ा गया

घाटशिला : पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल अंतर्गत मऊभंडार ओपी क्षेत्र के कुतलुडुंगरी गांव से लापता हुई 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची को पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर ओडिशा से बरामद कर लिया। इस मामले में बच्ची को शादी के उद्देश्य से कथित तौर पर भगाकर ले जाने वाले एक नाबालिग लड़के को भी पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाने में सफलता मिली। बच्ची की बरामदगी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।


इस पूरे मामले में ग्रामीण एसपी शुभम कुमार खांडेलवाल के नेतृत्व में पुलिस की सक्रियता और तत्परता की सराहना की जा रही है। हालांकि, इस कार्रवाई में उनकी प्रत्यक्ष भूमिका की आधिकारिक पुष्टि होने पर ही उनके नेतृत्व का उल्लेख तथ्य के रूप में किया जाना चाहिए।
मां की शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की तलाश
मिली जानकारी के अनुसार, कुतलुडुंगरी गांव की रहने वाली 15 वर्षीय बच्ची अचानक लापता हो गई थी। बेटी के लापता होने से परेशान उसकी मां शिवानी मुखी ने मऊभंडार ओपी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 137(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की और मामले की जांच शुरू कर दी।
नाबालिग बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान बच्ची के ओडिशा में होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने उसे बरामद करने के लिए प्रयास तेज किए।
ओडिशा से बच्ची की सुरक्षित बरामदगी
पुलिस की लगातार कोशिशों के बाद लापता बच्ची को 48 घंटे के भीतर ओडिशा से बरामद कर लिया गया। मामले में उसे कथित तौर पर शादी के उद्देश्य से भगाकर ले जाने वाले नाबालिग लड़के को भी पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और बच्ची को उसके परिजनों के हवाले कर दिया।
बच्ची की सुरक्षित बरामदगी से परिजनों को बड़ी राहत मिली। कम समय में बच्ची का पता लगाना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।
ग्रामीण एसपी शुभम कुमार खांडेलवाल की पुलिस टीम की तत्परता की सराहना
पूर्वी सिंहभूम जिले में नाबालिग बच्ची के लापता होने जैसे संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई कर उसकी बरामदगी सुनिश्चित करना पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है। ग्रामीण एसपी शुभम कुमार खांडेलवाल के नेतृत्व में जिले में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की तत्परता को लेकर सकारात्मक संदेश देने वाली इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
हालांकि, मामले में ग्रामीण एसपी की प्रत्यक्ष निगरानी और भूमिका के संबंध में आधिकारिक जानकारी उपलब्ध होने पर ही इसे निश्चित रूप से उनके नेतृत्व में हुई कार्रवाई कहा जा सकता है।
नाबालिगों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण
नाबालिग बच्ची से संबंधित मामलों में पुलिस की जिम्मेदारी केवल बरामदगी तक सीमित नहीं होती, बल्कि बच्ची की सुरक्षा, उसके हितों की रक्षा और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना भी महत्वपूर्ण होता है। इस मामले में बच्ची को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, पकड़े गए नाबालिग लड़के के विरुद्ध आगे की कार्रवाई संबंधित कानून और किशोर न्याय प्रक्रिया के अनुसार की जानी चाहिए।
फिलहाल, 48 घंटे के भीतर बच्ची की बरामदगी इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिजनों को राहत मिली और बच्ची को सुरक्षित घर वापस पहुंचाया जा सका।


