दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद गंभीर पर भड़के गांगुली,


कोलकाता: टीम इंडिया को कोलकाता में एक बेहद नज़दीकी मैच में साउथ अफ़्रीका के हाथों 30 रनों से हार का सामना करना पड़ा. इस मैच में मिली हार को लेकर टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर सहित पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और कई दिग्गज नाराज़ नज़र आये. बड़ी बात ये है कि पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कोच पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिये. गांगुली ने सीधे तौर पर टीम की रणनीति पर सवाल उठाए हैं. सौरव गांगुली ने कहा, “मेरे पास गंभीर के लिए काफ़ी वक्त है. उन्हें अपने लोगों पर भरोसा करना सीखना चाहिए जो कि पांच दिन का टेस्ट मैच खेले ना कि 3 दिनों में टेस्ट ख़त्म हो जाये. उम्मीद करता हूं कि गंभीर ये सुन रहे होंगे”. दरअसल, गांगुली ने ये नसीहत गौतम गंभीर के स्पिनरों की मददगार पिच मांगने की बात पर कही। कोलकाता के ईडन गार्डन्स की पिच को लेकर काफी सवाल उठे। इस पर स्पिनर हावी रहे और यही भारत को अखर गया। साउथ अफ्रीकी स्पिनरों ने इसका पूरा फायदा उठाया और जीत हासिल की। गांगुली ने कहा कि ग्राउंडस्टाफ ने ठीक वैसी ही पिच तैयार की थी जिसकी मांग टीम इंडिया ने की थी।इंग्लैंड दौरे पर जब श्रेयस अय्यर को टीम में जगह नहीं दी गई थी तो गांगुली ने भारतीय चयनकर्ताओं पर फटकार लगाई थी. गांगुली ने रेवस्पोर्ट्ज़ को दिए एक विशेष इंटरव्यू में कहा, “श्रेयस अय्यर पिछले एक साल से अपना सर्वश्रेष्ठ खेल रहे हैं और उन्हें इस टीम में होना चाहिए. उनका टीम में जगह न मिलना चौंकाने वाला है. गांगुली ने कहा था, “पिछला एक साल उनके लिए शानदार रहा था, वह ऐसा खिलाड़ी नहीं है जिसे टीम से बाहर रखना चाहिए. वह अब दबाव में रन बना रहे हैं, ज़िम्मेदारी ले रहे हैं और शॉर्ट बॉल को अच्छी तरह खेल रहे हैं. मैं उन्हें इस सीरीज़ में ज़रूर शामिल करता ताकि देख पाता कि वह क्या कर सकते हैं.”
कप्तान तेम्बा बावुमा के जुझारू अर्धशतक के बाद अनुभवी ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर की ईडन गार्डस की खतरनाक पिच पर बलखाती गेंदों के जादू से दक्षिण अफ्रीका ने भारत को पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में तीसरे दिन ही रविवार को यहां 30 रन से हराकर भारतीय धरती पर 15 साल में अपनी पहली जीत दर्ज की. भारत के सामने 124 रन का लक्ष्य था लेकिन उसकी टीम 35 ओवर में 93 रन पर आउट हो गई. इससे साउथ अफ्रीका ने दो मैच की सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली. भारतीय कप्तान शुभमन गिल गर्दन में अकड़न के कारण बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे.
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली चाहते हैं कि मोहम्मद शमी सभी प्रारूपों में भारतीय टीम में वापसी करें क्योंकि उनका मानना है कि यह कुशल तेज गेंदबाज ‘फिट है और बेहतरीन गेंदबाजी कर रहा है. लेकिन अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने इस 35 वर्षीय तेज गेंदबाज को नजरअंदाज कर दिया है जिसको लेकर गांगुली ने अपनी असहमति जताई थी. गांगुली ने सीधे तौर पर कहा था कि, शमी को टीम में मौका नहीं मिल रहा है, इसका मुझे कोई कारण नजर नहीं आ रहा है. गांगुली ने कहा था. “मुझे यकीन है कि चयनकर्ता देख रहे हैं और मोहम्मद शमी तथा चयनकर्ताओं के बीच बातचीत चल रही है. लेकिन अगर आप मुझसे पूछें तो फिटनेस और कौशल के मामले में यह वही मोहम्मद शमी हैं जिन्हें हम जानते हैं. ”उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे कोई कारण नहीं दिखता कि वह भारत के लिए टेस्ट मैच, एकदिवसीय क्रिकेट और टी20 क्रिकेट क्यों नहीं खेल सकते क्योंकि यह हुनर बहुत बड़ा है. ”




