गोरखधंधा: प्रसव से पूर्व बच्चे का ब्लड टेस्ट, मौत के बाद इंजेक्शन – अस्पताल पर गंभीर आरोप


जमशेदपुर :- चाईबासा के एक परिवार ने जमशेदपुर स्थित अभिषेक चाइल्ड केयर एंड मेटरनिटी हॉस्पिटल पर गंभीर लापरवाही और फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। मामला आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि प्रसव से पहले ही नवजात का ब्लड टेस्ट करवा लिया गया और बच्चे की मौत के बाद भी इंजेक्शन लगाया गया।

परिजनों के मुताबिक, 9 अप्रैल 2024 को सुबह करीब 10:29 बजे प्रसव के दौरान बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने शाम तक इलाज की औपचारिकताएं पूरी कीं। मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार, 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक बच्चे के इलाज और जांच का ब्योरा दर्ज है, जिसमें मौत के बाद भी दवाएं और इंजेक्शन देने की एंट्री मौजूद है।
अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में हुई गड़बड़ी पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। वहीं, मामले में यह भी खुलासा हुआ है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज का बिल तैयार किया गया, जिससे सरकारी योजना में गड़बड़ी की आशंका और गहरी हो गई है।
परिवार का आरोप है कि यह पूरा खेल इलाज के नाम पर योजना का पैसा हड़पने के लिए किया गया। अब इस मामले में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से शिकायत की गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।



