राष्ट्रीय युवा शिविर के दूसरे दिन देश निर्माण में कानूनों की भूमिका का मूल्यांकन

Advertisements
Advertisements

सेवाग्राम , वर्धा :- सर्व सेवा संघ के युवा सेल द्वारा सेवाग्राम आश्रम में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय युवा शिविर के दूसरे दिन “देश निर्माण के संदर्भ में कानूनों का मूल्यांकन” विषय पर विमर्श हुआ ।
सर्व सेवा संघ प्रकाशन समिति के संयोजक अरविंद अंजुम ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि किसी भी कानून का मूल्यांकन सार्वभौम मानवीय मूल्यों , कानून के शासन का सिद्धांत तथा भारतीय संविधान की मूल प्रतिस्थापनाओं की कसौटी पर किया जाना चाहिए । अगर कानून इन आधारों का उल्लंघन करता है और देश की जनता के ऊपर जबरन थोपा जाता है तो वह सामाजिक एकता को विखंडित करेगा । देश सिर्फ भूगोल या किसी राजनीतिक विचारधारा या प्रणाली का नाम भर नही है । देश एक पारस्परिकता है जो आपसी मेल-मिलाप से स्वाभाविक रूप से विकसित होता है ।
दूसरे सत्र में प्राध्यापक डॉ अभय पांडेय ने वर्तमान चुनौतियों के संदर्भ में युवाओं की भूमिका विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि युवा मन की अवस्था है , शिविर में कुछ 60 साल के जवान हैं तो कुछ 18 साल के बूढ़े भी । आपने कहा कि समस्याओं के सामने खड़े होना ही उससे मुक्ति का एकमात्र उपाय है । आपने कहा युवकों को जानकारी, जिम्मेदारी, भागीदारी और साझेदारी के लिए खुद को तैयार करना चाहिए ।
शिविर में नुक्कड़ नाटक पर राष्ट्रीय युवा सेल के संयोजक बजरंग सोनावणे ने सत्र लिया और शिविरार्थियों को नुक्कड़ नाटक की बारीकियां सिखाई । इसके पूर्व शिविर के सुबह के सत्र में प्रकृति प्रार्थना, श्रमदान, योगासन के साथ ही सुबह के सत्र में प्रेम विषय पर श्रीकांत बराते ने युवकों का प्रबोधन किया जबकि शाम की आश्रम प्रार्थना के बाद चौपाल में एडवोकेट रमा सरोदे ने शिविर को संबोधित किया । शिविरार्थियों की चर्चा में सहभागिता के लिए ग्रुप चर्चा और सवाल जबाब के सत्र रखे गए तथा समाज परिवर्तन के गीत सिखाये गए ।
शिविर में प्रबोधन के लिए सर्वोदय के वरिष्ठ साथी रामधीरज, संतोष कुमार द्विवेदी, अविनाश काकड़े, दीप्ति बेन, असीम सरोदे, प्रशांत गूजर, मनोज ठाकरे, यशपाल कपूर, लोकेश गुप्ता आदि उपस्थित रहे ।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

You may have missed