₹77.35 करोड़ की तटबंध योजना का प्राक्कलन करीब ₹231 करोड़, स्वीकृति से पहले करीब ₹42 करोड़ भुगतान का आरोप

गालूडीह : सुवर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना के गालूडीह बराज डैम के पश्चिमी हिस्से में एफ्लैक्स बांध (तटबंध) निर्माण को लेकर वित्तीय अनियमितता के आरोप सामने आये हैं। करीब 77.35 करोड़ रुपये के मूल एग्रीमेंट वाली योजना का पुनरीक्षित प्राक्कलन बढ़ाकर करीब 231 करोड़ रुपये किये जाने और विभागीय स्वीकृति से पहले ही करीब 42 करोड़ रुपये का भुगतान किये जाने का आरोप है। मामला सामने आने के बाद विभाग ने निर्माण कार्य बंद कराकर विभागीय जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, योजना की मूल प्राक्कलित राशि करीब 90 करोड़ रुपये थी। शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन ने 10 प्रतिशत विलो पर करीब 77.35 करोड़ रुपये में काम लिया था। निर्माण शुरू होने के कुछ माह बाद तटबंध का नक्शा बदला गया और पुनरीक्षित प्राक्कलन करीब 231 करोड़ रुपये तैयार कर स्वीकृति के लिए जल संसाधन विभाग को भेजा गया।


परियोजना सूत्रों के अनुसार, मूल एग्रीमेंट के तहत ठेका कंपनी को पहले ही करीब 35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका था। आरोप है कि इसके बाद पुनरीक्षित प्राक्कलन को विभागीय स्वीकृति मिलने से पहले करीब 42 करोड़ रुपये का भुगतान और किया गया। विभागीय जांच में नक्शे में बदलाव, करीब 231 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार किये जाने और स्वीकृति से पहले भुगतान की प्रक्रिया की जांच की जा रही है। योजना से जुड़े अभियंताओं और अन्य कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आने की संभावना है। परियोजना सूत्रों के मुताबिक, जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आने पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
गालूडीह बराज डैम के पश्चिमी हिस्से में डूब क्षेत्र को बचाने के लिए एफ्लैक्स बांध बनाया जा रहा है। योजना के तहत झारखंड और ओड़िशा सरकार के सहयोग से नदी के दोनों किनारों की ओर तटबंध का निर्माण होना है। इसका शिलान्यास तत्कालीन जल संसाधन मंत्री रामदास सोरेन ने किया था। उस दौरान अभियंता प्रमुख मोतीलाल पिंगुआ, मुख्य अभियंता राम निवास प्रसाद, परियोजना के कई अधिकारी और सांसद विद्युत वरण महतो मौजूद थे। वर्तमान में तटबंध का काम 50 प्रतिशत भी पूरा नहीं हुआ है। परियोजना सूत्रों के अनुसार, नदी के एक हिस्से में कुछ काम हुआ है, जबकि दूसरी ओर निर्माण शुरू नहीं हुआ है.


