झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठ पर ED का कड़ा ऐक्शन, मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज…

0
Advertisements
Advertisements

झारखंड :झारखंड में बांग्लादेशी महिलाओं की संदिग्ध घुसपैठ और तस्करी से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। इस कार्रवाई के तहत ईडी ने आरोप लगाया है कि घुसपैठ के जरिये कथित तौर पर अवैध तरीके से काला धन कमाया गया है। यह मामला झारखंड पुलिस द्वारा जून में दर्ज की गई प्राथमिकी पर आधारित है, जो रांची के बरियातू पुलिस थाने में दर्ज की गई थी।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

ईडी ने इस मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई शुरू की है। पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि बांग्लादेश से आई महिलाओं को झारखंड में अवैध रूप से घुसपैठ कराई गई और उन्हें वेश्यावृत्ति में धकेलने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता महिला ने दावा किया कि उसे ब्यूटी सैलून में नौकरी दिलाने का झांसा देकर भारत लाया गया था, लेकिन बाद में उसे वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेला गया।

इस मामले में पुलिस ने पांच से छह महिलाओं को आरोपी के रूप में नामजद किया था, जिन्हें एक स्थानीय रिसॉर्ट से छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया। एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन घुसपैठियों के पास झारखंड में फर्जी पहचान पत्र थे, जिन्हें एजेंटों की मदद से तैयार किया गया था।

एफआईआर संख्या 188/2024 के अनुसार, 21 वर्षीय बांग्लादेशी युवती को एक अन्य लड़की की मदद से कोलकाता लाया गया था और उसे जंगल के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराया गया। एजेंटों ने इस अवैध घुसपैठ में अहम भूमिका निभाई और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय पहचान दिलाने की साजिश रची।

See also  सरहुल शोभायात्रा की तैयारी तेज, प्रशासन से मांगा सहयोग

ईडी का मानना है कि इस घुसपैठ और तस्करी से जुड़े लोग काला धन बनाने और अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं। ईडी अब इस मामले की व्यापक जांच कर रही है, जिसमें अवैध घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज बनवाने और इस पूरे नेटवर्क में शामिल एजेंटों की भूमिका की जांच की जा रही है।

Advertisements

Thanks for your Feedback!

You may have missed