दुबई‑अबू धाबी एयरपोर्ट भी तनाव की चपेट में, उड़ानें ठहरीं, हजारों यात्री फंसे


दुबई : मिडिल ईस्ट में जारी विवाद और युद्ध जैसे हालात के बीच संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख एयरपोर्टों को भारी प्रभाव झेलना पड़ रहा है। दुबई और अबू धाबी के हवाई हब पर कई दिनों तक उड़ान सेवाओं को रोक दिया गया है। अरब देशों के एयरस्पेस पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से उड़ानें बंद कर दी गई थीं।दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दुबई वर्ल्ड सेंट्रल‑अल मकतूम समेत क्षेत्र के बड़े हवाई अड्डों पर उड़ानें अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दी गईं। इस वजह से हजारों यात्री एयरपोर्टों पर फंसे रहे और कई को रद्द उड़ानों के कारण रुकना पड़ा। अधिकारियों ने यात्रियों से कहा है कि वे तब तक एयरपोर्ट न आएं जब तक उन्हें एयरलाइन से सीधे विमान की पुष्टि नहीं मिलती।

इस तनाव के कारण कई अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय एयरलाइंस ने अपने कार्यक्रमों को रोक दिया। दुबई के प्रमुख कैरियर एमिरेट्स ने दुबई से कुछ उड़ानों का निलंबन 4 मार्च तक बढ़ा दिया है, जबकि एतिहाद एयरवेज ने अबू धाबी से उड़ानों को 5 मार्च तक रोकने का निर्णय लिया है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपना फ्लाइट स्टेटस पहले जांच लें।हालांकि कुछ हद तक उड़ान सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की कोशिश हो रही है, लेकिन अधिकांश सामान्य व्यावसायिक उड़ानें अभी भी प्रभावित हैं। एयरलाइंस सीमित उड़ानें चला रहे हैं ताकि फंसे हुए यात्रियों को प्राथमिकता के आधार पर घर लौटने में मदद मिल सके।मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण एयर स्पेस सुरक्षा के लिहाज से कई देशों ने अपनी हवाई सीमाओं को बंद या सीमित कर रखा है। इसका असर न केवल यूएई पर, बल्कि वैश्विक हवाई यातायात पर भी पड़ा है और यात्रियों को रूट बदलने या उड़ानों को रद्द करने का सामना करना पड़ रहा है।



