राजस्व वृद्धि को लेकर उपायुक्त ने की समीक्षा बैठक, पारदर्शी संग्रहण और तकनीकी निगरानी के दिए निर्देश


जमशेदपुर :- जमशेदपुर के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण पर एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग अपने वार्षिक लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करें। उन्होंने आंतरिक संसाधनों के अधिकतम उपयोग और पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि राज्य कर विभाग के चारों सर्किल ने अब तक केवल 20% औसत राजस्व संग्रहण किया है। उपायुक्त ने करदाताओं के ऑडिट, जोखिम वाले व्यवसायों की पहचान, फील्ड इंस्पेक्शन और डेटा एनालिटिक्स जैसे उपायों पर बल दिया ताकि टैक्स चोरी रोकी जा सके। साथ ही जीएसटी पोर्टल पर अद्यतन जानकारी की नियमित निगरानी के भी निर्देश दिए।
खनन विभाग को विगत वर्षों की रॉयल्टी रिपोर्ट समर्पित करने और लाइसेंसधारकों के यहां सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने का आदेश दिया गया। पंजीयन कार्यालयों, विशेषकर घाटशिला और जमशेदपुर के सब-रजिस्ट्रार द्वारा अब तक केवल 18% लक्ष्य की प्राप्ति पर चिंता जताई गई। अवैध रजिस्ट्री, खासकर सरकारी जमीनों की रोकथाम के निर्देश दिए गए।
जिला परिवहन विभाग ने 27%, जबकि एमवीआई ने 12% राजस्व एकत्र किया है। नगर निकायों में मानगो नगर निगम (39%) और जुगसलाई व चाकुलिया (37-37%) की प्रगति उल्लेखनीय रही। वहीं, बिजली विभाग के तीनों प्रमंडलों का औसत संग्रहण 32% रहा, लेकिन जून माह में कई इकाइयों ने 100% से अधिक प्रदर्शन कर संतोषजनक संकेत दिए।
समीक्षा में सर्टिफिकेट मामलों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने लंबित वसूली के मामलों को प्राथमिकता से निपटाने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों और संबंधित विभागों से राजस्व क्षति के संभावित स्रोतों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा। बैठक में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



