फिर से बिगड़ी दिल्ली की हवा, 300 पार पहुंचा AQI


दिल्ली: दिल्ली की वायु गुणवत्ता एक बार फिर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई। शुक्रवार सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे से हुई। वहीं, आसमान में स्मॉग की हल्की चादर भी दिखाई दी। इसके चलते दृश्यता भी कम रही। इस दौरान लोग मास्क पहने नजर आए। साथ ही, सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। राजधानी में केवल दो दिन तक ‘खराब’ श्रेणी में हवा बरकरार रहने के बाद, हवा की गति कम होने के चलते प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। गुरुवार को दिल्ली का एक्यूआई 300 पार जा पहुंचा। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, शुक्रवार सुबह राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 326 दर्ज किया गया है।CPCB के SAMEER ऐप पर रोहिणी में सबसे ज़्यादा AQI 372 रिकॉर्ड किया गया। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के मुताबिक, शनिवार तक एयर क्वालिटी “बहुत खराब” रहने की उम्मीद है।
मानकों के अनुसार, हवा तभी स्वस्थ मानी जाती है, जब PM 10 प्रदूषकों का स्तर 100 से कम और PM 2.5 का स्तर 60 से कम हो। CPCB के अनुसार, गुरुवार दोपहर एक बजे दिल्ली-NCR की हवा में PM 10 का औसत स्तर 275 और PM 2.5 का औसत स्तर 150 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था। इसका मतलब है कि दिल्ली-NCR की हवा में प्रदूषक कणों का औसत स्तर ढाई गुना ज्यादा है।IITM पुणे डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के अनुसार, गुरुवार को प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान ट्रांसपोर्टेशन का था, जो 16.6 प्रतिशत था। इसके बाद दिल्ली और उसके आसपास के उद्योगों से 8.3 प्रतिशत, निर्माण कार्य से 2.2 प्रतिशत और आवासीय स्रोतों से चार प्रतिशत का योगदान रहा। NCR में, झज्जर ने शहर के प्रदूषण लोड में 18 प्रतिशत का योगदान दिया, इसके बाद रोहतक में 5.8 प्रतिशत, सोनीपत में 2.7 प्रतिशत, भिवानी में 3.9 प्रतिशत और गुरुग्राम में 1.9 प्रतिशत रहा।




