देहरादून में 20 एकड़ जमीन पर इस्लामिक यूनिवर्सिटी की साजिश


देहरादून: देहरादून में आईएमए के नजदीक धौलास क्षेत्र में लगभग 20 एकड़ जमीन के कथित तौर पर इस्लामिक शिक्षा संस्थान के लिए हस्तांतरण का मामला अब विवाद का केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। सीएम धामी ने आरोप लगाया कि बार-बार डेमोग्राफिक बदलाव और इस्लामिक यूनिवर्सिटी की बात आना कहीं न कहीं एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करती है।बता दें कि धौलास में यह जमीन करीब दो दशक पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा आवंटित की गई थी। उपजिलाधिकारी विनोद कुमार की प्रारंभिक जांच में पता चला कि अब इस जमीन को छोटे-छोटे भूखंडों में आवासीय उद्देश्यों के लिए बेचा जा रहा है, जिससे आईएमए की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि यह प्रकरण 2004 का है जब नारायण दत्त तिवारी प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने कहा, ”यह 2004 का पुराना मामला है, जब तिवारीजी सरकार के मुखिया थे। उसके बाद कई बार भाजपा की सरकारें सत्ता में आईं और तब उन्हें इस भूमि आवंटन को रद्द कर देना चाहिए था।”सीएम पुष्कर धामी ने कहा, “कांग्रेस ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति को ही प्राथमिकता दी है। बार-बार डेमोग्राफिक बदलाव और मुस्लिम यूनिवर्सिटी की बातें सामने आना कहीं न कहीं एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करती हैं। धौलास में किया गया भूमि आवंटन इसका एक बड़ा उदाहरण है।




