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लोक आलोक न्यूज सेंट्रल डेस्क:-मां कालरात्रि की विधिवत पूजा अर्चना करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है और सभी तरह की नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है,मां कालरात्रि अपने भक्तों को आशीष प्रदान करती हैं और शत्रुओं और दुष्टों का संहार कर सभी दुख दूर होते हैं और परिवार में सुख-शांति का वास होता है

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मां कालरात्रि को पूजा में गुड़ या गुड़ से बने मिष्ठान जैसे मालपुए का भोग लगाना चाहिए ये देवी कालरात्रि को सबसे अधिक प्रिय है माता कालरात्रि की पूजा सुबह और रात के समय में भी की जाती है तंत्र विद्या में मां कालरात्रि की पूजा अचूक मानी गई है लेकिन किसी का अहित करने के उद्देश्य से पूजन न करें.वरना इसका बुरा असर झेलना पड़ सकता है

मां कालरात्रि की पूजा में नियम और अनुशासन का विशेष पालन करना चाहिए, देवी कालरात्र की पूजा से पहले स्नान कर साफ वस्त्र पहनें और फिर घी का दीपक लगाकर माता को कुमकुम, हल्दी, फूल चढ़ाएं. ‘ॐ कालरात्र्यै नम: मंत्रों का जाप करते हुए देवी को गुड़ या इससे बनी मिठाई का भोग लगाएं पूजा के बाद गुड़ का आधा भाग परिवार में बाटें बाकी आधा गुड़ किसी ब्राह्मण को दान कर दें, माता कालरात्रि की पूजा लाल कंबल के आसान पर करें

आप मां कालरात्रि की आरती ऐसा कर सकते हैं , कालरात्रि जय-जय-महाकाली। काल के मुंह से बचाने वाली॥

दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा। महाचंडी तेरा अवतार॥

पृथ्वी और आकाश पे सारा। महाकाली है तेरा पसारा॥

खडग खप्पर रखने वाली। दुष्टों का लहू चखने वाली॥

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कलकत्ता स्थान तुम्हारा। सब जगह देखूं तेरा नजारा॥

सभी देवता सब नर-नारी। गावें स्तुति सभी तुम्हारी॥

रक्तदंता और अन्नपूर्णा। कृपा करे तो कोई भी दुःख ना॥

ना कोई चिंता रहे बीमारी। ना कोई गम ना संकट भारी॥

उस पर कभी कष्ट ना आवें। महाकाली माँ जिसे बचाबे॥

तू भी भक्त प्रेम से कह। कालरात्रि माँ तेरी जय॥

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