‘लैंड फॉर जॉब’ केस में बड़ा झटका: लालू यादव परिवार समेत 41 लोगों पर कोर्ट ने तय किए आरोप


पटना : चर्चित ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं।

कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव समेत कुल 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। मामला करीब 20 वर्ष पुराना है, जब लालू यादव 2004 से 2009 के बीच केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे।
जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अनुसार, उस दौरान रेलवे के विभिन्न जोनों में ग्रुप-डी पदों पर बिना सार्वजनिक विज्ञापन और निर्धारित प्रक्रिया के नियुक्तियां की गईं। आरोप है कि इन नियुक्तियों के बदले बिहार में कीमती जमीनें लालू परिवार या उनके करीबी लोगों के नाम पर कम कीमत में रजिस्टर्ड कराई गईं।
जांच में यह भी सामने आया कि पटना के किशुनदेव राय का 3375 वर्ग फीट का प्लॉट फरवरी 2008 में बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर खरीदा गया और इसकी रजिस्ट्री राबड़ी देवी के नाम हुई। उसी वर्ष राय परिवार के तीन सदस्यों को सेंट्रल रेलवे, मुंबई में नौकरी दी गई।
सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में कई ऐसे मामलों का खुलासा हुआ, जहां आवेदन के कुछ ही दिनों में नियुक्ति पत्र जारी हो गए। कई मामलों में आवेदन अधूरे होने के बावजूद नियुक्तियां दी गईं।
जांच एजेंसियों का दावा है कि इस तरह के सौदों के जरिए एक लाख वर्ग फीट से अधिक जमीन कौड़ियों के दाम पर हासिल की गई। सरकारी मूल्यांकन के अनुसार जिन जमीनों की कीमत लगभग 4.39 करोड़ रुपये थी, वे करीब 26 लाख रुपये में परिवार से जुड़े लोगों के नाम कराई गईं।
मई 2022 में सीबीआई ने इस मामले में लालू परिवार और उनके करीबी लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच पूरी होने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
अब विशेष सीबीआई अदालत में आरोप तय होने के बाद इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।



