JPSC घोटाले में बड़ा खुलासा, हरिओम टावर में एक्सपर्ट बुलाकर लिखवाते थे जवाब



रांची :झारखंड में JPSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच के दौरान अभय तिवारी के बयान से कई अहम खुलासे हुए हैं। उसके अनुसार, रांची के हरिओम टावर में सानंद प्रकाश के नाम पर एक कमरा लिया गया था, जहां उत्तर प्रदेश और बिहार से विषय विशेषज्ञों को बुलाकर अभ्यर्थियों से मुख्य परीक्षा के उत्तर लिखवाए जाते थे। बेहतर उत्तर लिखने वाले अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाने के लिए कुछ प्रोफेसरों की भी मदद ली जाती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि ACF और FRO परीक्षा में अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए करीब 40 लाख रुपये दिए गए थे।


अभय तिवारी ने यह भी बताया कि CDPO परीक्षा में प्रति अभ्यर्थी 10-10 लाख रुपये लेकर झारखंड से बाहर के उम्मीदवारों को सामान्य सीट पर सफल कराया गया। उसके अनुसार लखनऊ, पंजाब और हरियाणा से एजेंट सतपाल और मिश्रा लोगों को बुलाते थे और उनसे उत्तर लिखवाते थे। जांच से जुड़े बयानों में 14वीं JPSC परीक्षा में 100 से अधिक, ACF-FRO में 100 और JPSC बैकलॉग में भी 100 अभ्यर्थियों को पैसे देकर पास कराने के आरोप सामने आए हैं। इस मामले में परीक्षा की OMR शीट और मेंस की उत्तरपुस्तिकाओं में हेरफेर के आरोप भी जांच के दायरे में हैं।


