सरायकेला में बंद बेअसर, खरसावां में बस परिचालन ठप, स्कूल और बाजार में बंद का असर, सड़कों पर आगजनी –

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Saraikela : भाजपा के कोल्हान बंद का असर सरायकेला जिले में बेअसर दिखा. आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थिति सामान्य देखा जा रहा है. जिले का पश्चिमी सिंहभूम से सटे खरसावां में थोड़ा बहुत बंद का असर रहा. यहां चाईबासा से होनेवाली बस परिचालन ठप है, बाजार में बंद का असर दिख रहा है. समर्थकों द्वारा सुबह में सड़कों पर आगजनी कर बंद को सफ़ल बनाने का प्रयास किया गया था.  प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़कों पर आगजनी की गई थी जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है.
बता दें कि 2 दिन पूर्व चाईबासा में एनएच और बाईपास पर नो एंट्री लागू करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरना दे रहे ग्रामीणों पर सोमवार की मध्यरात्रि में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ने की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसके विरोध में आज कोल्हान बंद का आह्वान किया गया है.

* पश्चिम सिंहभूम में बंद का असर-

इस बंद को आदिवासी संगठनों और भारतीय जनता पार्टी का समर्थन मिला है. बताया जा रहा है कि बंद का व्यापक असर पश्चिमी सिंहभूम में देखा जा रहा है. बंद के कारण चाईबासा से रांची और जमशेदपुर जाने वाली बसों का परिचालन ठप है. चाईबासा शहर में निजी स्कूलों ने छुट्टी की घोषणा की है, जबकि कई सरकारी संस्थान भी आंशिक रूप से प्रभावित हैं. मुख्य बाजार, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं.

* टायर जलाकर प्रदर्शन- 

नोवामुंडी थाना क्षेत्र के कोटगढ़ बस स्टैंड में आंदोलनकारी ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया है. बस स्टैंड के पास टायर जलाकर उन्होंने प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की है. जगन्नाथपुर अनुमंडल मुख्यालय में भी कोल्हान बंद का असर दिख रहा है. सुबह से ही चारों दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों का आवागमन ठप रहा. बाजार और दुकानें पूरी तरह बंद रहीं. जैंतगढ़ में झंडा चौक पर भी ग्रामीणों ने टायर जलाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है.

* क्या है लोगों की मांग –

लोगों की मांग है कि एनएच 220 और बाईपास मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी आ सके. वहीं पुलिस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों और राजनीतिक दलों में आक्रोश व्याप्त है. बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सभी प्रमुख सड़कों और चौक-चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है.

* पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई का आह्वान- 

पूर्व मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन ने कल आदिवासी समाज की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की. जिसमें राज्य सरकार के आदिवासी विरोधी रवैये के खिलाफ कल कोल्हान बंद करने का निर्णय पर सहमति जताई. उन्होंने कहा कि लोग दिन में भारी वाहनों की “नो एंट्री” की मांग कर रहे थे. लेकिन निहत्थे आदिवासी साथियों पर लाठी चार्ज करवाने वाले सभी अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों पर एससी-एसटी एट्रोसिटी एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं इस मामले में गिरफ्तार हुए सभी साथियों की अविलंब रिहाई होनी चाहिए.

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