ओडिशा में बीड़ी, सिगरेट, गुटका और तंबाकू पर बैन,


ओडिशा: ओडिशा में अब पान की दुकान पर जाते ही जो तस्वीर दिखती थी, वह पूरी तरह बदलने वाली है. बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और तंबाकू जैसे उत्पाद दुकानों से गायब हो जाएंगे, क्योंकि ओडिशा सरकार ने इस तरह के सभी उत्पादों की पैकेजिंग, भंडारण और उत्पादन पर रोक लगा दी है. सरकार के एक फैसले ने दुकानदारों से लेकर आम लोगों तक को चौंका दिया है. प्रतिबंध लगाने के बाद सरकार ने एक अपील में नागरिकों से नए नियमों का पालन करने और स्वस्थ और तंबाकू मुक्त ओडिशा के निर्माण में भाग लेने का आग्रह किया है.ओडिशा सरकार ने 2013 में ही तंबाकू और निकोटिन से बने उत्पादों के उत्पादन और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था. हालांकि, इसके बावजूद दूसरे राज्यों से इन उत्पादों को लाया जाता था और ओडिशा में बेचा जाता था.
पिछले साल मार्च में विधानसभा में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया था कि 16 राज्यों से तंबाकू और निकोटिन से बने उत्पाद इंपोर्ट होते हैं. उन्होंने बताया था कि 11 साल में तंबाकू और निकोटिन से बने उत्पादों की बिक्री से राज्य सरकार को 6,596 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला है.सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में तंबाकू को लेकर एक प्रमुख फैसला दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने तंबाकू उत्पादों पर 85% भाग पर तस्वीर सहित चेतावनी को अनिवार्य ठहराया। दुनिया में भारत से पहले 85% भाग पर तस्वीर सहित चेतावनी का फैसला कहीं नहीं दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, ‘तंबाकू का सेवन जानलेवा है, ऐसे में लोगों को इसके खतरे के बारे में पूरी जानकारी देना सरकार का दायित्व है।’ इस फैसले का उद्देश्य युवाओं और नए उपभोक्ताओं को तंबाकू से दूर रखने की कोशिश था। फैसले में जन स्वास्थ्य को व्यापारिक हितों को सबसे ऊपर रखा गया था।एनएफएचएस-5 (NFHS-4) सर्वेक्षण के अनुसार, ओडिशा में तंबाकू का सेवन राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। राज्य में 15 वर्ष से अधिक आयु की 38.41% आबादी तंबाकू का सेवन करती है। देश में इस आंकड़े के साथ ओडिशा देश में छठे स्थान पर है। ओडिशा के बारे में एक और तथ्य चौंकाने वाला यह है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ध्रूमपान की लत बढ़ रही है। एनएफएचएस-4 (NFHS-4) सर्वेक्षण में ओडिशा में 55.9 फीसदी पुरुष धूम्रपान करते थे, जो बाद के सर्वे में घटकर 51. 6 प्रतिशत रह गया। वहीं, एनएफएचएस-4 में 17.3 फीसदी महिलाएं तंबाकू का धूम्रपान करती पाई गई थीं, लेकिन अगले सर्वे में ऐसा करने वाले महिलाओं का प्रतिशत बढ़कर 26 फीसदी हो गया।ओडिशा के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए एक आंकड़े के अनुसार, प्रदेश में खैनी और तंबाकू का सर्वाधिक होता है। तंबाकू का सेवन करने वालों में 16.9 पुरुष और 14.9 फीसदी महिलाएं होती हैं।ओडिशा में वैश्विक युवा तंबाकू सर्वेक्षण (GYTS) ने एक सर्वे कराया था। इस सर्वे के अनुसार, राज्य में स्कूल जाने वाले लगभग 6.2 प्रतिशत छात्र तंबाकू का सेवन किसी न किसी रूप में करते हैं। इन छात्रों में 7 प्रतिशत लड़के और 5.5 प्रतिशत लड़कियां शामिल हैं। देश में करीब 8.5 प्रतिशत स्टूडेंड तंबाकू का उपयोग करते हैं। ग्लोबल यूथ टौबैको सर्वे यह सर्वे 13-15 वर्ष के स्टूडेंट्स के बीच आयोजित कराती है। भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो की जानकारी के अनुसार, 13-15 वर्ष की आयु के स्कूली बच्चों में तंबाकू का सेवन 14.6% से घटकर 8.5% हो गया है।




