झारखंड की जिस बेटी की मदद के लिए आगे आये थे आनंद महिंद्रा, वह हार गयी जिन्दगी की जंग , कुणाल षाडंगी के ट्वीट के बाद मदद को आगे ए थे आनंद महिंद्रा

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राँची :- पलामू की 17 वर्षीया बेटी समृद्धि गुप्ता अंततः कोरोना से जिंदगी की जंग हार गई. मंगलवार की देर रात रांची के मेडिका हॉस्पिटल में भर्ती के बाद समृद्धि की मौत हो गई. समृद्धि का फेफड़ा कोरोना संक्रमण के कारण 90% तक खराब हो गया था. उसके इलाज में 50 लाख से अधिक के खर्च बताए गए थे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर बहरागोड़ा के पूर्व विधायक एवम बीजेपी नेता कुणाल षड़ंगी की पहल पर समृद्धि के इलाज में देश के प्रसिद्ध उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने 10 लाख रुपए दिए थे. इसके अलावा कई अन्य लोगों ने भी आर्थिक मदद की थी, लेकिन समृद्धि को बचाया नहीं जा सका. बुधवार को पलामू जिला मुख्यालय मेदनीनगर के रहने वाले समृद्धि के पिता संजय कुमार गुप्ता ने अपनी पुत्री के निधन की पुष्टि की. जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमण से पीड़ित होने के बाद समृद्धि गुप्ता को इलाज के लिए पिछले दिनों रांची ले जाया गया था. समृद्धि रांची के आलम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थी. उसका एसपीओटू (ऑक्सीजन) लेवल 70-72 तक पहुंच गया था.

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उसके लंग्स का संक्रमण बेहद गंभीर हो गया था. डॉक्टरों ने उसे एक्मो मशीन का सपोर्ट देने की जरूरत बतायी थी. पूरी रांची में मात्र एक एक्मो मशीन है. मेडिका हॉस्पिटल में उपलब्ध यह मशीन एक मरीज को पहले से लगी है. संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि मंगलवार की शाम समृद्धि ने उनसे बात की थी. बातचीत होने के कारण उन्हें आत्मबल मिला था. कुछ देर के लिए लगा कि उसकी बेटी अब ठीक हो जाएगी.

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एक्मो मशीन का स्पोट देने के लिए समृद्धि को मंगलवार की रात एंबुलेंस से मेडिका में भर्ती किया गया था. यहां इलाज के कुछ घंटे बाद रात करीब 2 बजे समृद्धि ने दम तोड़ दिया. समृद्धि को एयरलिफ्ट कर कोलकाता या किसी दूसरे बड़े शहर के ऐसे हॉस्पिटल में ले जाने की बात कही जा रही थी, जहां एक्मो मशीन का सपोर्ट उपलब्ध हो पाये.

बहरागोड़ा के पूर्व विधायक और भाजपा नेता कुणाल षाड़ंगी ने प्रधानमंत्री सहित उद्योगपति आनंद महिंद्रा और कई अन्य शख्सियतों को ट्वीट किया. आनंद महिंद्रा की ओर से कुछ ही देर बाद सकारात्मक जवाब आया था.

उन्होंने समृद्धि की मदद के लिए कांटैक्ट डिटेल्स मांगा था और 24 घंटे के अंदर उसके भाई अमर्त्य के अकाउंट में 10 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर कर दी थी. इसके बाद कई और लोग आगे आये थे. लेकिन अफ़सोस की उसे बचाया नही जा सका .

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