पुर्तगाल जाने के सपने में फंसा गुजरात का परिवार


गुजरात: यूरोप में बेहतर जिंदगी बसाने का सपना हर साल हजारों भारतीय देखते हैं. नौकरी, सुरक्षा और बच्चों के भविष्य की चाह में लोग अनजाने रास्तों पर निकल पड़ते हैं.गुजरात के मेहसाणा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. पुर्तगाल में बसने का सपना लेकर निकले एक दंपती और उनकी तीन साल की बेटी को लीबिया में अगवा कर लिया गया. अपहरणकर्ताओं ने परिवार की रिहाई के बदले दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है. घटना के बाद परिवार के परिजनों में चिंता और दहशत का माहौल है.पुलिस के मुताबिक, यह परिवार एक पुर्तगाल-आधारित एजेंट की मदद से यात्रा कर रहा था. लेकिन रास्ते में उत्तर अफ्रीकी देश लीबिया पहुंचते ही हालात बदल गए और परिवार को कथित तौर पर अगवा कर लिया गया.पुलिस के अनुसार, परिवार 29 नवंबर को अहमदाबाद से दुबई पहुंचा था. वहां से उन्हें लीबिया के बेंगाजी शहर ले जाया गया, जहां उन्हें बंधक बना लिया गया. मेहसाणा के पुलिस अधीक्षक हिमांशु सोलंकी ने बताया कि इस मामले में शामिल एजेंट भारतीय नहीं हैं. अपहरणकर्ताओं ने परिवार के रिश्तेदारों से संपर्क कर 2 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की है. मामले की जानकारी जिला कलेक्टर एस.के. प्रजापति को भी दे दी गई है और प्रशासन अलर्ट मोड में है.पीड़ित परिवार के रिश्तेदारों ने 13 दिसंबर को कलेक्टर से संपर्क किया, जिसके बाद मामला राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय तक पहुंचाया गया. स्थानीय विधायक सी.जे. चावड़ा ने भी इस मुद्दे को उठाया है. इससे पहले अक्टूबर में गांधीनगर जिले के दो गांवों से ऑस्ट्रेलिया जा रहे चार लोग ईरान में फंस गए थे, जिन्हें सरकारी हस्तक्षेप से छुड़ाया गया था. यह घटना फिर साबित करती है कि विदेश बसने की चाह में गलत एजेंटों पर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है.




