प्रथम जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट (जेडब्ल्यूयूआरइटी) सफलतापूर्वक संपन्न होने के साथ ही झारखंड की महिलाएं शोध की ओर अग्रसर हुई– माननीय कुलपति प्रो.(डॉ.) अंजिला गुप्ता

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जमशेदपुर : जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में पीएचडी प्रवेश परीक्षा के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर कुलपति ने रजिस्ट्रार डॉ. राजेंद्र जायसवाल एवं गठित शोध कमिटी के सदस्यों के साथ परीक्षा नियंत्रक डॉ. रमा सुब्रमणियन, केंद्र निरीक्षक डॉ., सुधीर कुमार साहू, ओएसडी डॉ. रूपाली पात्रा एवं परीक्षा विभाग के अन्य सदस्यों को बधाई दी है।

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कुलपति प्रो.(डॉ.) अंजिला गुप्ता ने कहा शोध के बिना उच्च शिक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती और जब महिलाओं के भागीदारी की बात आती है तो पता चलता है कि शोध के क्षेत्र में अभी भी बहुत किया जाना शेष है। हाल ही में राज्य सभा में दिए गए बयान में भारत सरकार ने बताया है कि पूरे भारत में 56,747 महिला शोधार्थियों के साथ शोध में ‘आधी आबादी’ की भागीदारी महज 16.6 प्रतिशत ही है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया कि कई उन्नत देशों से यह बहुत ही कम है। 22 जून को यूनिवर्सिटी के कार्यात्मक स्वरूप और मेरी नियुक्ति के लगभग एक वर्ष पूर्ण होने के तुरंत बाद आज प्रथम शोध प्रवेश परीक्षा संपन्न हो गई। इस कदम से यूनिवर्सिटी ने शोध के लिए मंच प्रदान करना प्रारंभ कर दिया, जिससे उच्च शिक्षा में नामांकित झारखंड की महिलायें शोध की ओर अग्रसर हो पाएंगी। शीघ्र ही यूनिवर्सिटी शोध के केंद्र के रूप में विकसित हो यह मेरी प्राथमिकता है।

शोध प्रवेश परीक्षा जेडब्ल्यूयूआरइटी – I के कुल 122 अभ्यर्थियों में से 90 परीक्षा के लिए उपस्थित हुईं एवं 32 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहीं। तीन परीक्षा कक्ष बनाए गए थे, जिनमें सुनियोजित तरीके से कक्षा निरीक्षकों की देखरेख में परीक्षा का आयोजन हुआ। यूनिवर्सिटी द्वारा शोध के लिए रखे गए सभी 12 विषयों; वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, हिन्दी, गृह विज्ञान, संगीत, उड़िया, राजनीति विज्ञान, उर्दू एवं वाणिज्य में पीएचडी के लिए इच्छुक छात्राओं ने इसमें भाग लिया।

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