क्वांटम टेक्नोलॉजी से सतत नवाचार तक भौतिकी की नई संभावनाओं पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

JHARKHAND: नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन भौतिकी में उभरते नए आयाम: क्वांटम प्रौद्योगिकी से सतत विकास तक का सफलतापूर्वक समापन हुआ। सम्मेलन में देशभर के विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से आए 200 से अधिक प्रतिभागियों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान भौतिक विज्ञान में हो रहे नवीनतम शोध, क्वांटम तकनीक, सतत विकास तथा अंतर्विषयी अनुसंधान की संभावनाओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।


समापन सत्र में शोधार्थी वर्ग में प्रियंका कुमारी को तथा विद्यार्थी वर्ग में संजना वर्मा को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंतिम चरण में विद्यार्थियों ने देश की विविध सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय विरासत की आकर्षक झलक प्रस्तुत कर वातावरण को रंगारंग बना दिया।
सम्मेलन का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि तथा आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि डॉ. रंजीत कुमार कर्ण, निदेशक, आईक्यूएसी, कोल्हान विश्वविद्यालय एवं विभागाध्यक्ष, भौतिकी विभाग तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. वेंकटेश सिंह, प्रोफेसर, भौतिकी विभाग, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार एवं अध्यक्ष, आईआईसी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने भारत के वैश्विक ज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र के रूप में उभरते स्वरूप तथा आधुनिक सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के समाधान में अंतर्विषयी अनुसंधान की भूमिका पर विशेष जोर दिया।
सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने विभिन्न समकालीन विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए। इनमें लैंथेनाइड्स की तापीय चालकता, हाइब्रिड प्राकृतिक फाइबर-प्रबलित कंपोजिट का निर्माण एवं सूक्ष्म संरचनात्मक विश्लेषण, मेटामटेरियल्स में प्रकाश के प्रसार का फाइनाइट डिफरेंस टाइम डोमेन मॉडलिंग, क्लीन स्काई कॉन्सेप्ट तथा ब्लैक होल जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। शोध प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने भौतिक विज्ञान में भविष्य की नई संभावनाओं और अनुसंधान के क्षेत्रों पर विचार साझा किए।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने अपने संदेश में कहा आज के समय में विज्ञान और तकनीक केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के सतत विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को देशभर के विशेषज्ञों से संवाद करने, अपने शोध-विचार साझा करने और नई अनुसंधान संभावनाओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान के प्रति निरंतर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि ने इस सम्मेलन में अपने विचार साझा करते हुए कहा भौतिक विज्ञान में हो रहे नवीन अनुसंधान का प्रभाव ऊर्जा, स्वास्थ्य, संचार, पर्यावरण और उद्योग सहित अनेक क्षेत्रों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्वांटम टेक्नोलॉजी और सतत नवाचार जैसे विषय भविष्य की वैज्ञानिक दिशा को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों से अनुसंधान को केवल अकादमिक उपलब्धि तक सीमित न रखते हुए समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार नागेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोजिब अशरफ, अकादमिक सलाहकार प्रो. दिलीप शोम, डीन (प्रशासन) डॉ. राकेश कुमार, डीन (अकादमिक)अभिनव कुमार सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति ने सलाहकार समिति, आयोजन से जुड़े स्वयंसेवकों, प्रतिभागियों, अतिथियों एवं मीडिया सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विश्वविद्यालय के शोध विभाग की निर्देशक औरभौतिकी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. ईशिता घोष ने धन्यवाद ज्ञापन के दौरान अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, अनुसंधान की रुचि तथा नवाचार की भावना विकसित करने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार के अकादमिक एवं शोधपरक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।


